गुजरात में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में करीब 15,000 करोड़ रुपये निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर
प्रेम प्रेम अजय
- 05 Mar 2025, 10:21 PM
- Updated: 10:21 PM
(तस्वीरों के साथ)
गांधीनगर, पांच मार्च (भाषा) गुजरात की राजधानी में आयोजित सेमीकंडक्टर सम्मेलन के पहले दिन बुधवार को विदेशी कंपनियों के प्रस्तावों समेत करीब 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना वाले समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन समझौतों में से अकेले नेक्स्टजेन ने ही 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक संयंत्र लगाने की प्रतिबद्धता जताई है।
नेक्स्टजेन ने एक कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स संयंत्र स्थापित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।
गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव मोना खंडार ने कहा, ‘‘सम्मेलन के पहले दिन राज्य सरकार सहित विभिन्न हितधारकों के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 15,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश को दर्शाने वाले विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।’’
खंडार ने कहा कि उद्घाटन समारोह में अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण कंपनी जैबिल इंडिया ने 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक सिलिकॉन फोटोनिक्स विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
तीन-दिवसीय 'गुजरात सेमीकनेक्ट सम्मेलन' गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र में बुधवार को शुरू हुआ।
एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में कौशल वृद्धि के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गांधीनगर के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
अहमदाबाद जिले के धोलेरा शहर में भारतीय कंपनी की आगामी सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माण इकाई के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवानी फर्मों पीएसएमसी एवं हाइमैक्स टेक्नोलॉजीज के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
बयान के मुताबिक, गुजरात में 500 करोड़ रुपये के निवेश से एक नई इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (ईएमएस) इकाई लगाने के लिए ताइवान सरफेस माउंटिंग टेक्नोलॉजी (टीएसएमटी) के साथ एक और समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस निवेश से करीब 1,000 नए रोजगार सृजित होंगे।
उद्घाटन समारोह के दौरान कायन्स टेक्नोलॉजी ने अहमदाबाद जिले के औद्योगिक केंद्र साणंद में अपनी नई ओएसएटी इकाई का भूमिपूजन कार्यक्रम किया। संयंत्र की मुख्य विनिर्माण लाइन जनवरी, 2026 से उत्पादन शुरू करेगी।
भाषा प्रेम प्रेम