जिला बार एसोसिएशन से न्यायाधीश को चुराचांदपुर जाने से रोकने वाला आग्रह वापस लेने की अपील
अमित नरेश
- 21 Mar 2025, 04:58 PM
- Updated: 04:58 PM
इंफाल/चुराचंदपुर, 21 मार्च (भाषा) ऑल मणिपुर बार एसोसिएशन (एएमबीए) ने चुराचांदपुर जिला बार एसोसिएशन से अपील की है कि वह उच्चतम न्यायालय के एक मेइती न्यायाधीश को कुकी-जो बहुल क्षेत्र का दौरा करने से रोकने वाला अपना अनुरोध वापस ले।
उच्चतम न्यायालय के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश, न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह शामिल हैं।
इस प्रतिनिधिमंडल का जातीय हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य का शनिवार को दौरा करने का कार्यक्रम है। वे इस दौरे के दौरान चुराचांदपुर जिले में राहत सामग्री वितरित करेंगे।
न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह मेइती समुदाय से हैं।
एएमबीए ने चुराचांदपुर जिला बार एसोसिएशन से न्यायाधीश के दौरे का स्वागत करने का आग्रह किया है और इस बात पर जोर दिया है कि यह राजनीति से प्रेरित नहीं है।
एएमबीए की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए, चुराचांदपुर जिला बार एसोसिएशन ने कहा कि मेइती न्यायाधीश को जिले में प्रवेश करने से रोकने वाला उसका नोटिस दुर्भावना से प्रेरित नहीं था, बल्कि जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था।
चुराचांदपुर जिला बार एसोसिएशन की अध्यक्ष ग्रेस चिनहोइहनियांग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेइती समुदाय, खासकर न्यायाधीशों के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं है। स्थिति ने हमें बयान जारी करने के लिए मजबूर किया। नागरिक निकायों ने दौरे के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था और हमने किसी भी अवांछित घटना को रोकने के लिए आग्रह किया।"
उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से न्यायाधीश की सुरक्षा के लिए है। लोग भावुक हैं और राज्य में जारी जातीय संकट को देखते हुए तनाव बहुत अधिक है।’’
एएमबीए द्वारा यह अपील चुराचांदपुर के वकीलों के संगठन द्वारा यह कहे जाने के कुछ दिनों बाद आयी है कि ‘‘शांति और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में मेइती समुदाय के न्यायाधीश हमारे जिले में कदम न रखें।’’
एएमबीए अध्यक्ष पी. तोमचा मेइती ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों का दौरा ऐतिहासिक और अपनी तरह का पहला दौरा है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक विधिक निकाय के रूप में यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुराचांदपुर जिला बार एसोसिएशन ने एक मेइती न्यायाधीश को देश के अभिन्न अंग में प्रवेश करने से रोकने वाला बयान जारी किया है। यहां तक कि अलग प्रशासन की मांग करने वाले राजनीतिक रूप से उन्मुख निकायों ने भी इस दौरे पर आपत्ति नहीं जतायी है।”
उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों का दौरा पूरी तरह से मानवीय आधार पर है जिसका उद्देश्य राहत शिविरों में रहने वाले आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों द्वारा सामना की जा रही कठिनाइयों का आकलन करना है।
एएमबीए प्रमुख ने कहा, “इसका गर्मजोशी से स्वागत किया जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय के मेइती न्यायाधीश को चुराचांदपुर में प्रवेश करने से रोकने वाला आग्रह अनैतिक है। हम उनसे उसे वापस लेने और दौरे को स्वीकार करने की अपील करते हैं।”
हालांकि, चिनहोइहनियांग ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर, वे लोग न्यायमूर्ति कोटिश्वर को देखना पसंद करेंगे, क्योंकि वह मणिपुर से हैं और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के प्रतिष्ठित पद पर पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके लिए बहुत खुश हैं। मैं उन्हें मणिपुर के महाधिवक्ता के रूप में उनके कार्यकाल से जानती हूं।’’
मई 2023 से इम्फाल घाटी में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
भाषा अमित