निर्माण अधूरा, नोएडा हवाई अड्डे से अप्रैल से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने की संभावना कम
सं नेत्रपाल अजय
- 25 Mar 2025, 02:39 PM
- Updated: 02:39 PM
ग्रेटर नोएडा, 25 मार्च (भाषा) नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अप्रैल में व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने की संभावना कम है। इसकी वजह टर्मिनल बिल्डिंग का अधूरा निर्माण बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 मार्च को समीक्षा के दौरान हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने और सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी तय की थी।
इस महीने के अंत तक हवाई अड्डे के निर्माण कार्य की समीक्षा करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह आ सकते हैं। ऐसे में हवाई अड्डे के निर्माण कार्य को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अब 15 मई तक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से व्यावसायिक उड़ान सेवाएं शुरू करने के लिए एयरोड्रम लाइसेंस मिलने की संभावना है। टर्मिनल का काम तेजी से चल रहा है, इसलिए शुरुआत में यात्रियों को विमान तक ले जाने के लिए छह एयरोब्रिज लगाए जाएंगे।
यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एयरोब्रिज हवाई अड्डे पर एक ऐसा पुल है जो यात्रियों को सीधे टर्मिनल बिल्डिंग से विमान के दरवाजे तक ले जाता है। यह एक सुरंग जैसा रास्ता है, जिसके जरिये यात्री आसानी से विमान तक पहुंच सकते हैं। विमान से उतरते समय टर्मिनल में प्रवेश करने के लिए भी एयरोब्रिज का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल टर्मिनल के प्रवेश द्वार का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि घरेलू टर्मिनल का काम लगभग पूरा हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के काम में कुछ महीने लगेंगे। ढलाई आदि के काम में भी देरी होगी, इसलिए हवाई अड्डे पर पहले दिन से अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू होना मुश्किल है। अब पहले दिन से सिर्फ घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे में शुरुआत में हवाई अड्डे पर सिर्फ छह एयरोब्रिज ही लगाए जाएंगे। पहले यहां 10 एयरोब्रिज लगाए जाने थे, जो ‘साइट’ पर पहुंच चुके हैं।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुलिस थाना बनाया जाना है। इसके लिए हवाई अड्डे के पास करीब एक हजार वर्ग मीटर जमीन प्रस्तावित है। जमीन नि:शुल्क देने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से पत्राचार किया गया, लेकिन हवाई अड्डे का निर्माण करा रही कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (वाईएपीएल) ने नि:शुल्क जमीन देने से इनकार कर दिया है। इस एक हजार वर्ग मीटर में पुलिस थाने के साथ डीसीपी- एयरपोर्ट का मुख्यालय बनाया जाना है। कंपनी ने जमीन के एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने प्रमुख सचिव (गृह) से मामले में निर्देश जारी करने की मांग की है। यमुना विकास प्राधिकरण की ओर से 21 मार्च को यह पत्र जारी किया गया है। थाने के साथ ही हवाई अड्डे के पास दो पुलिस चौकियों का भी निर्माण किया जा रहा है।
भाषा सं नेत्रपाल