भारत और चिली व्यापार समझौते के लिए वार्ता शुरू करने पर सहमत
आशीष नेत्रपाल
- 01 Apr 2025, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) भारत और चिली ने मंगलवार को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर वार्ता शुरू करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक फॉन्ट ने व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक चर्चा की।
लातिन अमेरिका में चिली को भारत का एक महत्वपूर्ण ‘‘मित्र और साझेदार’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि आगामी दशक में समग्र सहयोग बढ़ाने के लिए कई नयी पहल की पहचान की गई है।
बोरिक, मंत्रियों, सांसदों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं।
मोदी-बोरिक वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने अंटार्कटिक क्षेत्र में सहयोग के लिए एक आशय पत्र सहित चार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा, ‘‘भारत और चिली विश्व मानचित्र के अलग-अलग छोर पर स्थित हो सकते हैं, हमारे बीच विशाल महासागर हो सकते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमें अद्वितीय समानताओं से जोड़ा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हिंद महासागर की लहरें भारत में उसी ऊर्जा के साथ उत्पन्न होती हैं, जैसे प्रशांत महासागर की लहरें चिली के तटों को छूती हैं।’’
संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के दृष्टिकोण के प्रति भी प्रतिबद्धता व्यक्त की, जो राष्ट्रों की संप्रभुत्ता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती है, नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता के साथ-साथ बेरोकटोक वैध वाणिज्य सुनिश्चित करती है।
इसमें कहा गया कि मोदी और बोरिक ने दोनों पक्षों के क्षमता निर्माण और रक्षा औद्योगिक सहयोग सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों का पता लगाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
संयुक्त बयान में कहा गया कि भारतीय पक्ष ने आपसी हितों के क्षेत्रों में चिली की सेना को प्रशिक्षण देने की इच्छा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में चिली के साथ अपने सकारात्मक अनुभव साझा करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम आपसी व्यापार और निवेश में वृद्धि का स्वागत करते हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि इसमें आगे भी सहयोग की असीम संभावनाएं हैं।’’
मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत-चिली साझेदारी को मजबूत किया जाएगा तथा लचीली आपूर्ति और मूल्य श्रृंखलाएं स्थापित करने के लिए काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में एक-दूसरे की क्षमताओं को मिलाकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग किया जाएगा।
मोदी ने कहा, ‘‘रक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। हम एक-दूसरे की जरूरतों के मुताबिक इस क्षेत्र में रक्षा औद्योगिक विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद जैसी आम चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों की एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर भारत और चिली इस बात पर सहमत हैं कि सभी तनावों और विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।’’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और चिली ‘‘इस बात पर एकमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य संस्थाओं में सुधार आवश्यक है।’’
दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने कहा, ‘‘हमने दोनों देशों के बीच वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी विचार किया। हम भारत और चिली के बीच छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए भी प्रयास जारी रखेंगे।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिली के राष्ट्रपति की भारत यात्रा ने संबंधों में ‘‘नयी ऊर्जा और उत्साह’’ पैदा किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह ऊर्जा हमारे द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पूरे लातिन अमेरिका क्षेत्र में हमारे सहयोग को नयी गति और दिशा देगी।’’
संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने मौजूदा अंटार्कटिक सहयोग को मजबूत करने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने पर प्रसन्नता व्यक्त की, जिससे अंटार्कटिक समुद्री जीवन संसाधनों के संरक्षण में साझेदारी को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
भाषा आशीष