वैश्विक व्यवस्था में हो रही उथल-पुथल, हर क्षेत्र को अपने बारे में स्वयं सोचना होगा : जयशंकर

वैश्विक व्यवस्था में हो रही उथल-पुथल, हर क्षेत्र को अपने बारे में स्वयं सोचना होगा : जयशंकर