वक्फ मुद्दे पर जद (यू) में उथल-पुथल, पार्टी ने कहा: इस्तीफे का दावा करने वाले उसके पदाधिकारी नहीं
राजकुमार नेत्रपाल
- 04 Apr 2025, 01:13 AM
- Updated: 01:13 AM
पटना, तीन अप्रैल (भाषा) बिहार में कम से कम दो 'व्यक्तियों' ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) से अपने 'इस्तीफे' की घोषणा की और केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक को पार्टी के समर्थन पर असंतोष व्यक्त किया।
इस घटनाक्रम पर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि न तो पूर्वी चंपारण के रहने वाले मोहम्मद कासिम अंसारी और न ही जमुई निवासी नवाज मलिक पार्टी के पदाधिकारी हैं।
पूर्वी चंपारण में जदयू के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष होने का दावा करने वाले मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने के पार्टी के रुख की बृहस्पतिवार को आलोचना की। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया।
जद (यू) अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में अंसारी ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के रुख ने उन लाखों भारतीय मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है, जो मानते थे कि जद (यू) धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कायम रखेगा।
पत्र में अंसारी ने कहा, ‘‘हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों को धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के एक सच्चे ध्वजवाहक के रूप में आप (नीतीश) पर अटूट विश्वास था। हालांकि, अब यह विश्वास टूट गया है। वक्फ संशोधन विधेयक पर जद (यू) द्वारा अपनाए गए रुख से लाखों समर्पित भारतीय मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को गहरा सदमा लगा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम ललन सिंह द्वारा लोकसभा में दिए गए भाषण और इस विधेयक के समर्थन को लेकर बेहद निराश हैं।’’
इसी तरह, मलिक ने खुद को जद (यू) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का सचिव बताया। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि "मुसलमान और हमारे जैसे कार्यकर्ता वक्फ विधेयक के मुद्दे पर जद(यू) के रुख से स्तब्ध हैं।’’
इस बीच, जब अंसारी के बारे में पूछा गया तो जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि कोई भी उन्हें नहीं जानता।
प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वह (अंसारी) कौन हैं? वह कभी भी पार्टी में कोई महत्वपूर्ण पदाधिकारी या प्रमुख व्यक्ति नहीं रहे। मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं। उन्होंने पार्टी में कभी कोई पद नहीं संभाला, यहां तक कि जिला स्तर पर भी नहीं।’’
बिहार के मुख्यमंत्री कुमार के एक प्रमुख सहयोगी ने कहा कि संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक के लिए पार्टी के समर्थन को लेकर जद (यू) के भीतर ‘‘कोई भ्रम’’ नहीं है।
वरिष्ठ मंत्री एवं वरिष्ठ जद (यू) नेता विजय कुमार चौधरी ने यह टिप्पणी तब की जब उनसे राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावई जैसे नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर पार्टी के रुख से सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किए जाने के बारे में पूछा गया।
चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी के सभी नेता विधेयक के समर्थन में हैं।’’
भाषा राजकुमार