ईडी ने झारखंड में आयुष्मान भारत ‘फर्जीवाड़ा’ मामले में छापेमारी की
खारी सुरेश
- 04 Apr 2025, 04:25 PM
- Updated: 04:25 PM
(तस्वीरों सहित)
रांची, चार अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निजी सचिव के परिसरों सहित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में 21 स्थानों पर छापेमारी की।
ओम प्रकाश सिंह और गुप्ता से जुड़े परिसरों के अलावा सलाहकारों और संबद्ध फर्मों के पूर्व अधिकारियों सहित ‘‘मुख्य संदिग्धों’’ के परिसरों पर सुबह-सुबह छापेमारी की गई। संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की एक सुरक्षा टीम भी थी।
उन्होंने बताया कि झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (जेएसएएस) से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और ‘एमडी इंडिया’, ‘सेफवे’, ‘मेडी असिस्ट’ और उनके सहयोगियों जैसे थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) के कार्यालयों पर भी छापेमारी की गई।
गुप्ता या उनके निजी सचिव की ओर से ईडी की कार्रवाई पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
ईडी की टीमों ने राज्य की राजधानी रांची के अशोक नगर और बरियातु स्थित परिसरों के अलावा जमशेदपुर शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के किनारे मैंगो इलाके में एक घर और एक नर्सिंग होम पर छापेमारी की।
सूत्रों ने बताया कि कोलकाता में कुछ ‘एंट्री ऑपरेटर’ या हवाला डीलरों के दफ्तरों पर छापेमारी की जा रही है।
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि ईडी को संदेह है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल के पैनल में ‘‘फर्जीवाड़ा’’ और कमीशन तथा रिश्वत की मांग करने वाले ‘‘गठजोड़’’ द्वारा फर्जी दावों की प्रक्रिया को अंजाम देकर ‘‘अपराध की आय’’ अर्जित की गई थी।
आयुष्मान भारत केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करना है।
भाषा खारी