तमिलनाडु के नीट विरोधी विधेयक को मंजूरी नही देना ‘काला अध्याय’: स्टालिन
जितेंद्र अविनाश
- 04 Apr 2025, 06:16 PM
- Updated: 06:16 PM
चेन्नई, चार अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य को नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) से छूट की मांग वाले विधानसभा प्रस्ताव को केंद्र द्वारा नामंजूर किया जाना ‘संघवाद के लिए एक काला अध्याय’ है।
उन्होंने कहा कि फिर भी नीट को समाप्त करने के लिए सरकार अपना संघर्ष जारी रखेगी।
स्टालिन ने इस संबंध में नौ अप्रैल को विभिन्न दलों के नेताओं की बैठक बुलाने की घोषणा की।
स्टालिन ने राज्य विधानसभा को केंद्र के फैसले के बारे में सूचित करते हुए इस कदम पर निराशा व्यक्त की और कहा कि ‘यह नामंजूरी संघवाद के लिए एक काला अध्याय है’।
विधेयक में 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव था।
इस विधेयक को 2021 में तमिलनाडु विधानसभा में पारित किया गया था और राज्यपाल आरएन रवि की शुरुआती आपत्तियों के बाद अगले वर्ष इसे फिर मंजूरी दी गयी थी।
विपक्ष के नेता और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख ईके पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि गुमराह करने के लिए लोग 2026 के विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को करारा जवाब देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, “द्रमुक 2021 में नीट को रद्द करने का वादा करके सत्ता में आई थी। उस समय उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि उन्हें नीट को रद्द करने का राज पता है। लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। अब मुख्यमंत्री ने नीट पर सर्वदलीय बैठक की घोषणा की है। द्रमुक कब तक लोगों को गुमराह करेगी।”
स्टालिन ने सदन को ताजा घटनाक्रम की जानकारी देते हुए केंद्र पर तमिलनाडु के लोगों की इच्छा और विधानसभा विधेयक की अवहेलना करने का आरोप लगाया।
स्टालिन ने सदन को ताजा घटनाक्रम की जानकारी देते हुए केंद्र पर तमिलनाडु के लोगों की इच्छा की अनेदखी करने और विधानसभा से पारित विधेयक को नामंजूर करने का आरोप लगाया।
स्टालिन ने कहा, “तमिलनाडु सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से सभी आवश्यक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के बावजूद, केंद्र सरकार ने नीट से छूट के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।”
भाषा जितेंद्र