नांगल ठाकरान गांव में ‘उपकार’ की शूटिंग की यादें ताजा हुईं, ग्रामीणों ने मनोज कुमार को किया याद
शफीक माधव
- 05 Apr 2025, 04:34 PM
- Updated: 04:34 PM
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने के बीच नांगल ठाकरान के ग्रामीण उनकी गर्मजोशी और सादगी को याद कर रहे हैं। इसी गांव में 1967 में कुमार की प्रतिष्ठित फिल्म ‘‘उपकार’’ की शूटिंग हुई थी।
‘‘उपकार’’, ‘‘पूरब और पश्चिम’’ तथा ‘‘रोटी कपड़ा और मकान’’ जैसी फिल्मों में देशभक्ति से ओतप्रोत भूमिकाओं के लिए मशहूर कुमार ने ‘‘उपकार’’ की शूटिंग के दौरान दिल्ली के नरेला क्षेत्र के इस गांव में एक महीने से अधिक समय बिताया था। इस फिल्म ने ग्रामीणों पर गहरी छाप छोड़ी थी।
जुमन चौधरी नांगल ठाकरान में जमींदार थे और फिल्म ‘‘उपकार’’ के कई दृश्य उनके घर में फिल्माए गए थे। चौधरी के पोते महेंद्र सिंह ने याद करते हुए बताया कि अनाज पीसने का दृश्य, डकैती का दृश्य और अभिनेता प्रेम चोपड़ा के साथ लड़ाई का दृश्य उनके घर में फिल्माया गया था।
सिंह ने कहा, ‘‘मनोज कुमार बहुत ही खुशमिजाज व्यक्ति थे। वह हर किसी से बात करते थे।’’
उन्होंने बताया, ‘‘वह खेतों में चाय बनवाते थे, कैम्पा कोला मंगवाते थे और सबको परोसते थे। उन्हें सरसों का साग, बाजरे की रोटी और लाल मिर्च की चटनी बहुत पसंद थी। वह इसे हमारे घर पर विशेष रूप से तैयार करवाते थे।’’
पंडित उमीद प्रकाश, जिनके घर पर कुमार शूटिंग से पहले खुद को तैयार करते थे, ने कहा कि अभिनेता को उनकी मां के हाथ का दही और छाछ बहुत पसंद था।
प्रकाश ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया कि शूटिंग देखने के लिए लोग मेरठ, अलीपुर और यहां तक कि दूर-दूर से आते थे और कई बार भीड़ इतनी अधिक हो जाती थी कि शूटिंग रोकनी पड़ती थी।
उन्होंने बताया कि कुमार ने फिल्म ‘‘उपकार’’ रिलीज होने के बाद उन्हें फिल्म के टिकट भी भेजे थे।
प्रकाश ने बताया, ‘‘मनोज कुमार मेरे भतीजे की शादी में भी शामिल हुए थे और मेरे चाचा के बहुत करीब थे।’’
‘‘उपकार’’ और ‘‘क्रांति’’ जैसी फिल्मों में देशभक्त नायक की भूमिका निभाकर ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर हुए अभिनेता मनोज कुमार का शनिवार को मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मनोज कुमार का शुक्रवार तड़के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 87 वर्ष के थे।
भाषा शफीक