तेलंगाना के मुख्यमंत्री को हैदराबाद विश्वविद्यालय को स्थानांतरित कर इको पार्क बनाने का प्रस्ताव मिला
सिम्मी माधव
- 05 Apr 2025, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
हैदराबाद, पांच अप्रैल (भाषा) हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) परिसर से सटे कांचा गाचीबोवली गांव में 400 एकड़ जमीन को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को 2,000 एकड़ में ‘इको पार्क’ को विकसित करने का प्रस्ताव मिला है जिसमें दुनिया का सबसे ऊंचा ‘वॉचटावर’ (निगरानी स्तंभ) बनाया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रस्ताव में यूओएच की जमीन को 2,000 एकड़ की ‘इको पार्क’ परियोजना में शामिल करने और विश्वविद्यालय को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि प्रस्ताव पर लिए गए फैसले के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन छात्रों ने इस विचार को राज्य सरकार द्वारा 400 एकड़ जमीन से जुड़े मौजूदा मुद्दे से ध्यान हटाने की एक रणनीति बताकर खारिज कर दिया।
विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘इको पार्क’ के प्रस्ताव पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला अदालत में है और राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक संवाद नहीं किया गया है।
शहरी बुनियादी ढांचे और आईटी पार्क के निर्माण के लिए कांचा गाचीबोवली में पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील 400 एकड़ भूमि की नीलामी करने की तेलंगाना सरकार की योजना का विश्वविद्यालय छात्र संघ ने विरोध किया है। इस मामले की सुनवाई अब उच्चतम न्यायालय एवं तेलंगाना उच्च न्यायालय में जारी है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि 400 एकड़ का क्षेत्र विश्वविद्यालय का है जबकि राज्य सरकार का कहना है कि यह भूमि उसके कब्जे में है और कांचा गाचीबोवली की भूमि के बदले में यूओएच को इसके बराबर जगह आवंटित की गई है।
सरकार के करीबी सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री को दुनिया का सबसे बड़ा ‘इको पार्क’ विकसित करने का प्रस्ताव दिया है जिसमें सबसे ऊंचा ‘वॉचटावर’ होगा।’’
उन्होंने बताया कि हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
‘इको पार्क’ परियोजना में विश्वविद्यालय को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाने का प्रस्ताव है जिसके तहत राज्य सरकार विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए भूमि और धन आवंटित करेगी।
विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष उमेश आंबेडकर ने कहा, ‘‘हम 400 एकड़ भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए पुरजोर तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रस्तावों का उद्देश्य वर्तमान मुद्दे से ध्यान भटकाना है। हम किसी भी कीमत पर अपने विश्वविद्यालय को स्थानांतरित नहीं होने देंगे। सरकार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।’’
तेलंगाना सरकार ने भूमि विवाद के समाधान के लिए हैदराबाद विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति, नागरिक समाज समूहों, छात्रों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित करने का बृहस्पतिवार को फैसला किया।
भाषा
सिम्मी