कृषि योजना का पैसा सगाई और शादियों पर खर्च करते हैं किसान : कोकाटे
धीरज प्रशांत
- 05 Apr 2025, 07:43 PM
- Updated: 07:43 PM
नासिक/ मुंबई, पांच अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने दावा किया है कि किसान कृषि योजनाओं से प्राप्त धन को इच्छित उद्देश्यों पर खर्च नहीं करते, बल्कि इसका उपयोग सगाई समारोहों और शादियों में करते हैं।
कांग्रेस ने मंत्री को उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए आड़े हाथ लिया और इसे किसानों का अपमान करार दिया। विपक्षी पार्टी ने कोकाटे को बर्खास्त करने की मांग की।
कोकाटे ने यह बयान शुक्रवार को नासिक जिले में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित कुछ गांवों के दौरे के दौरान दिया।
मंत्री ने यह टिप्पणी तब की जब एक किसान ने पूछा कि क्या नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले कृषकों को ऋण माफी मिल सकती है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कर्ज माफी के बाद आप पैसे का क्या करते हैं? क्या आप इसे कृषि में निवेश करते हैं?’’
कोकाटे उपमुख्यमंत्री अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)के सदस्य हैं। वह नासिक जिले के सिन्नर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां हाल ही में असामयिक बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्याज और अंगूर जैसी फसलें प्रभावित हुई थीं।
मंत्री ने कहा, ‘‘किसान 5-10 साल तक इंतजार करते हैं और कर्ज नहीं चुकाते। सरकार आपको खेती में निवेश करने के लिए पैसे देगी। यह पैसा पानी की पाइपलाइन, सिंचाई और तालाबों के लिए है। सरकार पूंजी निवेश करती है। क्या किसान ऐसा निवेश करते हैं?’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘किसानों का कहना है कि वे फसल बीमा का पैसा चाहते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल सगाई समारोहों और शादियों पर करते हैं।’’
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को मंत्री पर किसानों का अपमान करने का आरोप लगाया और उन्हें मंत्रिमंडल से निष्कासित करने की मांग की।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या सरकार किसानों को वित्तीय सहायता देकर कोई उपकार कर रही है? यह जनता का पैसा है, मणिकराव कोकाटे के परिवार का नहीं।’’
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ‘महायुती’ सरकार में राकांपा और शिवसेना भी शामिल हैं।
सपकाल ने कहा कि महायुति किसानों का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ती। उन्होंने मांग की कि कोकाटे अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ‘‘राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे सत्ता के नशे में इतने चूर हैं कि वे लगातार किसानों का अपमान करते रहते हैं। किसानों को भिखारी कहने के बाद, उन्होंने एक बार फिर अजीबोगरीब सवाल पूछकर उनका अपमान किया है, जैसे ‘आप कर्जमाफी का क्या करते हैं - इसका इस्तेमाल शादी या सगाई में करते हैं’।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि महायुति ने सत्ता में आने के बाद किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब कह रही है कि कर्ज माफी के लिए पैसे नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार की नीतियां कृषि और किसानों के अनुकूल होतीं, तो वे उन योजनाओं पर निर्भर क्यों होते? भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार किसान विरोधी है।’’
सपकाल ने दावा किया, ‘‘जब मुट्ठी भर उद्योगपतियों को 16 लाख करोड़ रुपये की ऋण माफी दी गई, तो न तो कोकाटे और न ही सरकार ने इस पर सवाल उठाने का साहस जुटाया।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रियों को विनम्र रहने की सलाह दी है, लेकिन वे मुख्यमंत्री का भी सम्मान नहीं करते और इसके बजाय ‘बकवास’ करते हैं।
भाषा धीरज