पुणे के अस्पताल में महिला की मौत का मामला: आदित्य ने जांच की मांग की, फडणवीस पर साधा निशाना
जितेंद्र संतोष
- 05 Apr 2025, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
मुंबई, पांच अप्रैल (भाषा) शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने पुणे में 10 लाख रुपये जमा न कर पाने के कारण दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल द्वारा भर्ती करने से कथित तौर पर इनकार करने के बाद एक गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा।
जान गंवाने वाली महिला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान पार्षद अमित गोरखे के निजी सहायक की पत्नी थीं।
कथित इनकार के बाद महिला को एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दो लड़कियों को जन्म देने के बाद महिला की मौत हो गई।
ठाकरे ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य कर दिया था कि मरीजों की हालत स्थिर किए बिना इलाज करने से इनकार नहीं कर सकते थे।
उन्होंने अस्पताल के खिलाफ जांच की मांग की और सवाल किया कि महिला को आपातकालीन विभाग में उपचार क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया।
आदित्य ठाकरे ने कहा, “सरकार को इस बारे में जांच करनी चाहिए। फडणवीस को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए। कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं देता। सरकार चुप है। भाजपा कार्यकर्ता असहाय महसूस कर रहे हैं। बहुत कम राज्य हैं जहां मुख्यमंत्री असहाय बैठे हैं। पीड़ित महिला भाजपा विधान पार्षद के निजी सहायक की पत्नी थीं। वह चिकित्सा सहायता का इंतजार कर रही थीं।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के स्वास्थ्य प्रकोष्ठ द्वारा अस्पताल को पांच बार फोन किया गया लेकिन फिर भी महिला को कोई उपचार नहीं मिला।
फडणवीस ने आक्रोश और विरोध के बीच तनिषा भिसे नाम की महिला की मौत के मामले में जांच के लिए एक समिति के गठन का आदेश दिया है।
इससे पहले दिन में मृतक महिला के परिवार के सदस्यों ने पुणे में फडणवीस से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि गलतियों को सुधारने की जरूरत है और उन्होंने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भाषा जितेंद्र