केजरीवाल ने ‘शीश महल’ के रखरखाव पर हर महीने 31 लाख रुपये खर्च किए: भाजपा
जितेंद्र माधव
- 05 Apr 2025, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन से प्राप्त जवाब का हवाला देते हुए शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा।
आरटीआई में खुलासा हुआ है कि पूर्व मुख्यमंत्री के बंगले के रखरखाव पर 2015-2022 के बीच सालाना 3.69 करोड़ रुपये का खर्च आया था।
भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी से पता चला कि केजरीवाल के पिछले बंगले के नियमित रखरखाव पर सालाना कुल 3,69,54,384 रुपये खर्च किए गए थे।
भाजपा के आरोपों पर केजरीवाल या आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।
सचदेवा ने आरटीआई से प्राप्त जवाब का हवाला देते हुए कहा कि 31 मार्च 2015 से 27 दिसंबर 2022 के बीच ‘फ्लैग स्टाफ रोड’ पर स्थित केजरीवाल के सरकारी बंगले की सामान्य मरम्मत, सीवर संबंधी समस्याओं, बिजली और संरचनात्मक कार्यों पर 29.56 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
भाजपा नेता ने केजरीवाल से आगे आकर यह बताने को कहा कि उनके बंगले में आखिर ऐसी क्या कमी थी कि इसके रखरखाव पर हर महीने 31 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे थे।
सचदेवा ने दावा किया कि आम आदमी की सरकार चलाने के वादे के साथ सत्ता में आए केजरीवाल की असलियत 52 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ‘शीश महल’ में उनकी ‘शानदार जीवनशैली’ से उजागर हो चुकी है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “हम केजरीवाल की पांच सितारा जीवनशैली और भ्रष्टाचार के और सबूत पेश कर रहे हैं तथा हम उनसे तत्काल जवाब की मांग करते हैं।”
सचदेवा ने कहा कि महाराष्ट्र के एक व्यक्ति ने आरटीआई दायर कर केजरीवाल के पिछले आवास के रखरखाव के खर्च का ब्योरा मांगा था और कहा कि आंकड़े उनकी ‘शानदार जीवनशैली’ और सरकारी कार्यों में ‘भ्रष्टाचार’ का खुलासा करते हैं।
उन्होंने कहा, “दिल्ली में जहां तीन से चार करोड़ रुपये खर्च करके 250 से 300 वर्ग गज का मकान बनाया जा सकता है, वहीं केजरीवाल के बंगले के रखरखाव पर सालाना 3.69 करोड़ रुपये का खर्च आना हैरान करने वाला है।”
भाजपा नेता ने कहा कि केजरीवाल लंबे समय से सवालों का जवाब देने से बचते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता केजरीवाल से उम्मीद करती है कि वह सामने आकर स्पष्ट करें कि उनके बंगले में आखिर ऐसी क्या कमी थी कि इसके रखरखाव के लिए हर महीने 31 लाख रुपये की जरूरत थी।
भाषा जितेंद्र