संकट के समय भारत, चीन जैसे समृद्ध देशों को मदद करनी चाहिए: अमेरिकी विदेश मंत्री
आशीष माधव
- 05 Apr 2025, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
न्यूयॉर्क, पांच अप्रैल (भाषा) भारत और चीन को समृद्ध देश बताते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका भूकंप से प्रभावित म्यांमा की मदद जारी रखने को तैयार है, लेकिन अन्य देशों को भी दुनिया भर में ऐसे संकटों के दौरान मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए।
रुबियो ने शुक्रवार को ब्रसेल्स में नाटो मुख्यालय में मीडिया से कहा, ‘‘हम दुनिया की सरकार नहीं हैं...हम हर किसी की तरह मानवीय सहायता प्रदान करेंगे और इसे सर्वोत्तम तरीके से करेंगे। लेकिन हमारी अन्य जरूरतें भी हैं जिनके साथ हमें संतुलन बनाना है। हम मानवीय सहायता से पीछे नहीं हट रहे हैं।’’
रुबियो भूकंप के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया कि किस तरह अमेरिका ने विशेष उपकरणों और विशेषज्ञों के माध्यम से लोगों की जान बचाकर ऐसी घटनाओं के दौरान मदद की पेशकश की। रुबियो से सवाल किया गया कि ‘क्या अमेरिका अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी’ (यूएसएआईडी) को बंद किए जाने के कारण ऐसा नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत से अन्य समृद्ध देश हैं। उन सभी को इसमें योगदान देना चाहिए। हम अपना काम कर रहे हैं। हमारे लोग पहले से ही वहां हैं, हमारे और लोग वहां होंगे। हम जितना हो सकेगा, मदद करेंगे। लेकिन यह (म्यांमा) काम करने के लिए आसान जगह नहीं है।’’
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘वहां सैन्य जुंटा है जो हमें पसंद नहीं करता है और हमें उस देश में उस तरह से काम करने की अनुमति नहीं देता है जैसा हम चाहते हैं। इससे हमारी मदद बाधित होती है।’’
रुबियो ने कहा कि अमेरिका मानवीय संकट में मदद जारी रखने को तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य देशों को भी ऐसा करने की आवश्यकता है। चीन बहुत समृद्ध है, और भारत भी समृद्ध देश है। दुनिया में बहुत से अन्य देश हैं और सभी को इसमें योगदान देना चाहिए।’’
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह मान लेना उचित है कि अमेरिका को दुनिया भर में मानवीय सहायता का बोझ-60 से 70 प्रतिशत-साझा करना जारी रखना चाहिए। हम मानवीय सहायता का काम करते रहेंगे लेकिन साथ ही हमारी अन्य प्राथमिकताएं भी हैं जो अमेरिका के राष्ट्रीय हित में हैं, और हम उन सभी को उचित रूप से संतुलित करने जा रहे हैं।’’
म्यांमा में 28 मार्च को आए भूकंप के कुछ ही घंटों के भीतर, भारत ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के माध्यम से मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की पहली खेप पहुंचाई, जिसमें तंबू, कंबल, आवश्यक दवाएं और भोजन जैसी 15 टन सामग्री शामिल थी।
दूसरी खेप में भारतीय वायुसेना के दो सी-130जे विमानों के माध्यम से 80 एनडीआरएफ खोज एवं बचाव विशेषज्ञ, उपकरण और राहत सामग्री भेजी गई।
यह पहल विनाशकारी भूकंप के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ‘‘ऑपरेशन ब्रह्मा’’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य खोज और बचाव, मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सहायता प्रदान करना था।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमा के लोगों की सहायता के लिए ‘‘सबसे पहले कदम उठाने वाले’’ देश के रूप में काम किया है। भूकंप के बाद से भारत ने म्यांमा को राहत सामग्री की विभिन्न खेप भेजी है।
भाषा आशीष