नड्डा ने कहा, ‘आयुष्मान, एक आश्वासन योजना जो विश्वास पर है आधारित’
जितेंद्र माधव
- 05 Apr 2025, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान योजना) को लागू करने के लिए शनिवार को केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसे सिर्फ बीमा योजना नहीं बल्कि आश्वासन योजना करार दिया और कहा कि ये विश्वास पर आधारित है।
उन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपने ‘अहंकार’ के कारण राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों को योजना के लाभों से वंचित कर रही थी।
समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के साथ ही दिल्ली इस योजना को लागू करने वाला 35वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।
पश्चिम बंगाल अब एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने इस योजना को लागू नहीं किया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिये जाने की घोषणा की और कहा कि 10 अप्रैल से आयुष्मान भारत कार्ड वितरित किए जाएंगे।
आयुष्मान भारत योजना 27 विशेषज्ञताओं में 1,961 चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए मुफ्त और ‘कैशलेस’ उपचार प्रदान करती है, जिसमें दवाओं, नैदानिक सेवाओं, अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू देखभाल, सर्जरी और अन्य लागत शामिल हैं।
इस योजना के तहत, दिल्ली में पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलेगा, जिसमें से पांच लाख रुपये केंद्र और शेष पांच लाख रुपये दिल्ली सरकार प्रदान करेगी।
नड्डा ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि मोदी जी ने सात वर्ष पहले जो सपना देखा था, उसे आखिरकार राष्ट्रीय राजधानी में लागू किया जा रहा है।
नड्डा ने आयुष्मान योजना को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बताते हुए कहा, “यह कोई बीमा योजना नहीं बल्कि एक आश्वासन योजना है क्योंकि यह भरोसे पर आधारित है।”
उन्होंने कहा, “आपको किसी बीमा कंपनी के पास जाकर यह प्रमाण पत्र या दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है कि आपने उनके बीमा के तहत उपचार कराया है, ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में इस योजना के लागू होने से दिल्ली के 6.54 लाख पात्र परिवारों, यानी करीब 30 लाख लोगों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
इसके अलावा, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के करीब छह लाख लोगों को, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पांच लाख रुपये के वार्षिक बीमा के पात्र होंगे।
आयुष्मान वय वंदना योजना पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई थी।
नड्डा ने उपस्थित लोगों को बताया कि दिल्ली सरकार 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन को लागू करने के लिए केंद्र के साथ एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके बाद, दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे के लिए 2,400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
नड्डा ने तर्जनी अंगुली उठाते हुए कहा कि इसमें बहुत ताकत है।
उन्होंने कहा, “जब यह (अंगुली) सही बटन (चुनावों के दौरान) दबाती है, तो लोगों को आयुष्मान योजना और अवसंरचना मिशन जैसी योजनाएं मिलती हैं। अगर गलत बटन दबाते हैं, तो दवाओं के बजाय शराब बांटी जाती है।”
मुख्यमंत्री गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नड्डा को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, “दिल्लीवासियों के लिए जीवन रेखा के रूप में यह योजना पिछली सरकार की साजिश के कारण (अब तक) लागू नहीं हो सकी। दिल्ली इस बात का उदाहरण है कि जब केंद्र और राज्य सरकारें एक ही लक्ष्य के लिए मिलकर काम नहीं करतीं तो लोगों को किस तरह से परेशानी उठानी पड़ती है।”
रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि पिछली ‘आप’ सरकार की ‘जिद’ के कारण ही केंद्र की इस महत्वपूर्ण योजना को दिल्ली में लागू नहीं किया जा सका, जबकि अन्य राज्यों के लोग पिछले कई वर्षों से इसका लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस योजना के लाभार्थी भारत भर में आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध लगभग 30,957 अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम उन 24 नए अस्पतालों का निर्माण पूरा करेंगे, जो पिछली सरकार द्वारा अधूरे छोड़े गए थे। हमने इसके लिए दिल्ली सरकार के बजट में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे दिल्ली के अस्पतालों में करीब 17,000 बिस्तर बढ़ जाएंगे।”
रेखा गुप्ता ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से दिल्ली में शुरू होने वाले 400 नए स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के लिए भी केंद्र को धन्यवाद दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य आला नेताओं की मौजूदगी में दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार शीर्ष निकाय है।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद योजना के तहत लाभार्थियों को नामांकित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
भाषा जितेंद्र