असम पुलिस का पत्रकारों को समन करना प्रेस की आजादी, लोकतंत्र पर हमला: विपक्षी सांसद
हक हक सुरेश
- 21 Aug 2025, 09:16 PM
- Updated: 09:16 PM
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) विपक्ष के कई सांसदों ने बृहस्पतिवार को एक संयुक्त बयान जारी कर असम पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन और करण थापर को राजद्रोह के एक मामले में तलब किए जाने पर चिंता जताई और इसे ‘‘प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमला’’ करार दिया।
विपक्षी सांसदों ने इन पत्रकारों के खिलाफ दर्ज ‘दुर्भावनापूर्ण मामले’ वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश, द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव और कई अन्य नेताओं ने संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि ऑपरेशन सिंदूर पर एक लेख को लेकर वरदराजन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा असम पुलिस को उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिए जाने के बावजूद उन्हें समन क्यों भेजा गया।
विपक्षी सांसदों ने अपने बयान में कहा, ‘‘हम असम पुलिस द्वारा सिद्धार्थ वरदराजन, करण थापर और ‘द वायर’ से जुड़े अन्य पत्रकारों को परेशान करने से बेहद चिंतित हैं। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज करने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 का दुरुपयोग किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पत्रकारों को समन भेजना प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर एक जबरदस्त हमला है। असम की भाजपा सरकार स्वतंत्र आवाजों और आलोचना को दबाने के लिए नए राजद्रोह क़ानून का दुरुपयोग कर रही है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और इसे वापस लेने की मांग करते हैं।"
इस बयान पर रमेश, ब्रिटास और यादव के अलावा मुकुल वासनिक, शक्तिसिंह गोहिल, सैयद नसीर हुसैन, रेणुका चौधरी, जावेद अली खान, ए.ए. रहीम, अनिल कुमार यादव, वी. शिवदासन और आर. गिरिराजन आदि विभिन्न नेताओं ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने भी वरदराजन और थापर को तलब किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है और असम पुलिस से ऐसी कोई कार्रवाई करने से बचने का आग्रह किया है, जिससे उनकी मंशा पर जरा भी संदेह हो।
नोटिस के अनुसार, गुवाहाटी पुलिस ने सिद्धार्थ वरदराजन और करण थापर को राजद्रोह के आरोप में दर्ज एक मामले में तलब किया है।
दोनों पत्रकारों को 22 अगस्त को गुवाहाटी पुलिस की अपराध शाखा के समक्ष पेश होने को कहा गया है।
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