भाजपा नेता अशोक ने मद्दुर सांप्रदायिक हिंसा पर सिद्धरमैया से माफी मांगने को कहा
गोला मनीषा
- 08 Sep 2025, 03:19 PM
- Updated: 03:19 PM
बेंगलुरु, आठ सितंबर (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने सोमवार को मांग की कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया गणेश विसर्जन के जुलूस के दौरान मद्दुर शहर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए राज्य के लोगों से माफी मांगें।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति ने उपद्रवियों को बढ़ावा दिया है और एक ‘‘विचित्र स्थिति’’ पैदा कर दी है, जहां हिंदुओं के साथ ‘‘दोयम दर्जे के नागरिक’’ जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की, ‘‘मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को देवी चामुंडेश्वरी, धर्मस्थल और अब मद्दुर की घटना के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।’’
अशोक ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा कि सात सितंबर को मद्दुर में गणेश शोभायात्रा पर पथराव कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक बड़ी योजना थी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह एक जघन्य कृत्य है। लोग असमंजस की स्थिति में हैं कि यह कर्नाटक है या पाकिस्तान। यह पिछले दो सालों से चल रहा है। धर्मस्थल और चामुंडेश्वरी मंदिर के बाद अब मद्दुर कस्बे की बारी है।’’
अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अतीत में ‘‘पाकिस्तान जिंदाबाद’’ के नारे लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहकर एक मिसाल कायम की है।
भाजपा नेता ने पुलिस पर भी निशाना साधा और उस पर ‘‘पक्षपातपूर्ण’’ होने का आरोप लगाया।
अशोक ने आरोप लगाया, ‘‘आज सवाल यह है कि हिंदुओं को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? सिर्फ़ हिंदुओं पर ही लाठियां क्यों बरसाई जा रही हैं? क्या पुलिस थाने सिर्फ हिंदुओं के लिए हैं? आप गणेश शोभायात्रा के लिए सैकड़ों शर्तें रखते हैं। हमें शोभायात्रा निकालने की इजाज़त नहीं है। नागमंगला में हनुमान ध्वज को ज़बरदस्ती हटा दिया गया। उसी नागमंगला में आप गणेश जी को उठाकर पुलिस थाने में रख देते हैं। अगर आप उनसे सवाल करते हैं, तो वे कहते हैं कि उपद्रव के पीछे हिंदू हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम हिंदू आज एकजुट नहीं हुए, तो यही हमारा हश्र होगा। मैं लोगों से कह रहा हूं कि सिद्धरमैया वोटों के लिए, अपनी कुर्सी बचाने के लिए और सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। सत्ता के लिए, वे (कांग्रेस) जातियों के बीच दरार पैदा कर सकते हैं।’’
भाषा
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