निर्वाचन आयोग मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने पर सीआईडी से सहयोग करने में विफल: शिवकुमार
राजकुमार नरेश
- 18 Sep 2025, 06:58 PM
- Updated: 06:58 PM
बेंगलुरु, 18 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाये जाने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोप का बृहस्पतिवार को समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) कर्नाटक सरकार के आदेश से की जा रही सीआईडी जांच में सहयोग करने में विफल रहा है।
शिवकुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘राहुल गांधी ने जो कहा है वह सच है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने सच कहा है।’’
कुछ लोगों ने गलत फोन नंबर देकर कुछ मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की। शिवकुमार ने कहा,‘‘वे (अज्ञात धोखेबाज) बहुत बड़ी संख्या में वोट हटाना चाहते थे। आखिरकार हमें इसका पता चल गया।’’
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, कर्नाटक के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है तथा वह मतदाताओं के नाम हटाने के लिए इस्तेमाल किये गये फोन नंबरों की जानकारी मांग रहा है।
शिवकुमार ने आरोप लगाया, ‘‘सीआईडी ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया था, लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा है।’’
उन्होंने आगाह किया कि के आर पुरम में भी ऐसी ही घटनाएं हुई हैं तथा जब तक निर्वाचन आयोग जांच में सहयोग नहीं करता है, सीआईडी आगे नहीं बढ़ सकती।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने जो कहा है वह सच है। हमें कुछ कठोर कदम उठाने होंगे। मेरे मुख्यमंत्री भी जानते हैं।’’
बेंगलुरु की खराब सड़कों और आईटी कंपनियों की शिकायतों के मुद्दे पर, शिवकुमार ने कहा कि सरकार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम समस्या का समाधान करने के लिए हैं। मैंने आईटी मंत्री से पूछा है... देश के हर हिस्से में यह समस्या बनी हुई है। केवल बेंगलुरु ही शोर मचा रहा है।’’
शिवकुमार की यह प्रतिक्रिया ऑनलाइन ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म ‘ब्लैकबक’ के सह-संस्थापक और सीईओ राजेश याबाजी द्वारा मंगलवार को दिए गए बयान के बाद आई है। कंपनी ने आवागमन और सड़क संबंधी बुनियादी ढांचे की समस्याओं का हवाला देते हुए बेंगलुरु के ‘आउटर रिंग रोड (ओआरआर)’ पर बेलंदूर स्थित अपने मौजूदा स्थान को छोड़ने का फैसला किया है।
ओआरआर शहर के आईटी कॉरिडोर में से एक है। वहां अक्सर यातायात की भीड़भाड़ होती है।
भाषा राजकुमार