जल्द ही विवाह स्थलों में तब्दील हो सकते हैं दिल्ली के स्मारक
देवेंद्र सुभाष
- 07 Nov 2025, 08:06 PM
- Updated: 08:06 PM
नयी दिल्ली, सात नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के कई ऐतिहासिक स्थलों पर शादी करना अब सपना नहीं रह जायेगा, क्योंकि दिल्ली सरकार इन्हें कई कार्यक्रमों के लिए खोलने की योजना बना रही है।
एक अधिकारी ने बताया कि विवाह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए चुनिंदा विरासत स्मारकों की बुकिंग की अनुमति देने वाली योजना पर काम किया जा रहा है।
दिल्ली पुरातत्व विभाग के तहत कई स्मारकों को इस पहल के लिए चुना गया है।
अधिकारी ने बताया कि इन स्मारकों में शामिल हैं -- 1857 के विद्रोह के दौरान शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में 1863 में निर्मित उत्तरी रिज पर विद्रोह स्मारक (म्यूटिनी मेमोरियल), कश्मीरी गेट पर दारा शिकोह पुस्तकालय, जो कभी मुगल शहजादा दारा शिकोह का निवास था और बाद में ब्रिटिश कार्यालय बना, जीटीके बस डिपो के पास मकबरा पाइक, एक मुगलकालीन मकबरा जिसके बारे में माना जाता है कि वह किसी शाही दूत का था।
साधना एन्क्लेव में स्थित मकबरा, जो कि प्रारंभिक भारतीय-इस्लामी वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने वाली लोदी-कालीन संरचना है, तथा कुदसिया गार्डन के मंडप, जो कि बादशाह मोहम्मद शाह की पत्नी कुदसिया बेगम द्वारा निर्मित 18वीं शताब्दी के महल परिसर का हिस्सा है, उन स्थानों की सूची में शामिल हैं, जहां नागरिक समारोह आयोजित किए जा सकेंगे।
अधिकारी ने बताया कि योजना अभी प्रारंभिक चरण में है तथा कार्यान्वयन और स्थल चयन पर अभी भी चर्चा जारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘निजी या सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान धरोहर स्थलों को नुकसान न पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।’’
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सरकार ऐसे धरोहर स्थलों के लिए बुकिंग शुल्क पर वस्तु एवं माल सेवा कर (जीएसटी) में छूट देने पर भी विचार कर रही है।’’
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत सांस्कृतिक और निजी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लगभग 80 स्मारकों का चयन किया जा सकता है।
इस योजना की जानकारी पूर्व में दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने दी थी।
मिश्रा ने कहा कि उनका विभाग इन स्थलों को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण और अनुमोदन प्राप्त करने पर काम कर रहा है।
भाषा
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