एमसीडी दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करेगी
सुमित अविनाश
- 13 Nov 2025, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बृहस्पतिवार को दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव पारित किया और प्रतिदिन 5,100 मीट्रिक टन की कुल क्षमता वाले चार नए ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना को मंजूरी दी।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की आम सभा की बैठक बृहस्पतिवार को हुई, जिसकी शुरुआत लाल किले के पास हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
इसके तुरंत बाद विपक्ष के नेता अंकुश नारंग और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य पार्षदों ने मास्क पहनकर और "अबकी बार 400 पार" लिखी तख्तियां लेकर शहर की खराब वायु गुणवत्ता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विरोध कुछ समय तक जारी रहा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही अगले सत्र के लिए स्थगित कर दी गई।
बाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि आम सभा की बैठक के दौरान निगम ने एक अप्रैल, 2010 से 31 मार्च, 2015 के बीच अनुकंपा के आधार पर नियुक्त सभी दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव पारित किया।
सिंह ने कहा, "एमसीडी अपने सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें नियमित करने के लिए कदम उठाती रहेगी।"
एक अन्य निर्णय में निगम ने 361.42 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 5,100 मीट्रिक टन प्रतिदिन की संयुक्त क्षमता वाले चार नए ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी।
महापौर के अनुसार, इन संयंत्रों के छह महीने के भीतर चालू हो जाने की उम्मीद है, जिसके बाद ‘लैंडफिल साइट’ पर कोई नया कचरा नहीं डाला जाएगा।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कुछ पार्षदों ने कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश की।
सिंह ने कहा, "आप पार्षद जन कल्याण के मुद्दों पर सार्थक बहस नहीं करना चाहते और सदन की कार्यवाही के दौरान बार-बार अव्यवस्था फैलाते हैं।" व्यवधानों के बावजूद बैठक लगभग एक घंटे तक जारी रही और प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए।
महापौर ने बताया कि बैठक में नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से संबंधित वार्ड स्तर के मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
सिंह ने कहा, "एमसीडी दिल्ली के नागरिकों को बेहतर और अधिक सुलभ बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
भाषा सुमित