ईरान में मानव तस्करी और अंग चोरी का मामला: केरल में एनआईए ने की जांच
सुमित नरेश
- 20 Nov 2025, 01:30 PM
- Updated: 01:30 PM
कोच्चि, 20 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा अदालत में दायर एक हलफनामे से पता चला है कि एजेंसी कथित तौर पर लोगों को अंग प्रत्यारोपण के लिए ईरान भेजने के मामले के आरोपी द्वारा केरल में शुरू किए गए एक हेल्थ क्लब की गतिविधियों की जांच कर रही है।
एनआईए ने मानव तस्करी मामले के मुख्य आरोपी वट्टाथिपादम, पलारीवट्टम निवासी मधु जयकुमार की हिरासत मांगते हुए एक हलफनामा दायर किया था। एनआईए अदालत के हिरासत संबंधी आदेश में कहा गया है कि हलफनामे के अनुसार, मधु जयकुमार और तीन अन्य आरोपी साउथ इंडियन बैंक में 'स्टेम्मा क्लब' के नाम से संचालित एक खाते के माध्यम से पैसा इकट्ठा कर रहे थे।
ईरान में रह रहे जयकुमार को सात नवंबर को भारत पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया गया था।
एनआईए अदालत ने आतंक-रोधी एजेंसी को 12 नवंबर से 19 नवंबर तक के लिए उसकी हिरासत सौंप दी थी।
अदालत के आदेश में कहा गया है कि एनआईए ने हलफनामे में दावा किया है कि आरोपी व्यक्तियों ने पहले लोगों को पैसे का लालच देकर और बाद में धमकी देकर उनके अंगों को निकालने के लिए उन्हें ईरान तक पहुंचाया था।
तस्करी कर लाए गए लोगों को ईरान में जानलेवा परिस्थितियों में उनसे किडनी दिलवाने के लिए मजबूर किया जाता था। इस रैकेट के माध्यम से मधु जयकुमार ने 50 लाख रुपये प्रति प्रत्यारोपण तक वसूल कर अवैध संपत्ति जमा की।
एजेंसी की जांच से पता चला है कि अंगदाता मुख्य रूप से तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से थे, जबकि अंग प्राप्तकर्ता उत्तर भारतीय राज्यों से थे।
हलफनामें में जयकुमार को इस अंतरराष्ट्रीय अंग व्यापार गिरोह का सूत्रधार बताया गया है। वह कोच्चि में 'स्टेम्मा क्लब' नामक एक हेल्थ क्लब चलाता था, जिसके बैंक खाते का इस्तेमाल ईरान से प्राप्त धन के हस्तांतरण के लिए किया जाता था। एनआईए को एक आरोपी के खाते में छह करोड़ तक के लेनदेन का पता चला है।
इस मामले में पहले सबिथ नासर जिसके खाते में छह करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ और बाद में साजिथ श्याम और बेलमकोंडा राम प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था। जयकुमार की गिरफ्तारी से एनआईए को ईरान में रैकेट के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी मिली है।
भाषा सुमित