मालीवाल का दावा : पजाब बुरी तरह नशे की चपेट में, नशीले पदार्थों की आपूर्ति करा रहे नशा मुक्ति केंद्र
माधव मनीषा
- 03 Dec 2025, 05:54 PM
- Updated: 05:54 PM
नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने अपनी ही पार्टी के शासन वाले राज्य पंजाब के ‘बुरी तरह से’ नशे की चपेट में होने तथा राज्य के नशा मुक्ति केंद्रों द्वारा मादक पदार्थों की आपूर्ति कराये जाने का दावा किया।
मालीवाल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस वर्ष पंजाब में 22 नशा मुक्ति केंद्र पर छापे मारे हैं। उन्होंने कहा कि इन छापों में पता चला कि ये नशा मुक्ति केंद्र लोगों का नशा छुड़वाने का काम नहीं कर रहे थे बल्कि उल्टा नशीले पदार्थों की आपूर्ति करवा रहे थे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार नशा मुक्ति के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग एवं विज्ञापन लगाकर करोड़ों रूपये खर्च कर रही है पर आज भी राज्य ‘ड्रग्स’ की चपेट में है।
मालीवाल ने पूरक प्रश्न पूछा कि पंजाब सरकार द्वारा जिस धन को नशा मुक्ति के लिए खर्च किए जाने की जरूरत है, क्या केंद्र सरकार कुछ ऐसा कर सकती है कि यह धन राज्य सरकार नशा मुक्ति के लिए ही खर्च करे तथा नशीले पदार्थों की चपेट में बुरी तरह से आये पंजाब में यह समस्या दूर की जा सके।
उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि क्या कोई ऐसा कदम उठाया जा सकता है जिससे पंजाब में नशा मुक्ति केंद्र केवल नशा मुक्ति का ही काम करें?
आप सदस्य के प्रश्नों का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी एल वर्मा ने स्वीकार किया कि मालीवाल ने प्रश्न पूछते समय जिन समस्याओं का उल्लेख किया, वैसी समस्याएं पंजाब में हैं।
मंत्री ने कहा कि पंजाब में जेलों में नशे का प्रचलन बहुत अधिक है तथा केंद्र ने राज्य के दस जिलों में नशा मुक्ति केंद्र शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि आप सदस्य ने पंजाब को लेकर जो चिंताएं जतायी हैं, वे वाजिब हैं, और उनका मंत्रालय एवं वह स्वयं इस मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
कांग्रेस की रंजीत रंजन ने भी पूरक प्रश्न पूछते हुए पंजाब में नशीले पदार्थों के प्रयोग का उल्लेख किया और जानना चाहा कि क्या बिहार में भी ड्रग की आपूर्ति हो रही है जो एक शुष्क राज्य है।
वर्मा ने लिखित जवाब में कहा, "नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिकों को जोड़ने के लिए अगस्त से नवंबर 2025 तक एक राष्ट्रीय अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में प्रतियोगी और सहभागिता वाली गतिविधियों के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, और इसके माध्यम से कुल मिलाकर 6.5 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई।"
उन्होंने यह भी कहा कि उनके विभाग ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के राष्ट्रीय नशा निर्भरता उपचार केंद्र (एनडीडीटीसी) को भारत में नशीले पदार्थों के उपयोग की व्यापकता और चलन पर दूसरा राष्ट्रीय सर्वेक्षण करने का दायित्व सौंपा है, ताकि विभिन्न नशीले पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों तथा नशे से संबंधित विकारों (हानिकारक उपयोग और विभिन्न पदार्थों पर निर्भरता) से पीड़ित लोगों की राष्ट्रीय, राज्य स्तर और जिला स्तर की अनुमानित संख्या उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण पहले से ही चल रहा है।
भाषा माधव