नाइटक्लब आग मामले का आरोपी ब्रिटेन फरार, उसे ‘बड़े लोगों’ का संरक्षण प्राप्त: वास्तविक भूमि मालिक
राखी पवनेश
- 19 Dec 2025, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
पणजी, 19 दिसंबर (भाषा) उत्तरी गोवा में जिस जमीन पर नाइटक्लब `बर्च बाय रोमियो लेन' का निर्माण किया गया उसके (भूमि के) मालिक प्रदीप घड़ी अमोनकर ने शुक्रवार को दावा किया कि इस मामले के आरोपियों में शामिल सुरिंदर कुमार खोसला को 'बड़े लोगों का' संरक्षण प्राप्त है और वह ब्रिटेन फरार हो गया है।
इस नाइटक्लब में छह दिसबंर को लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी।
अमोनकर ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए साक्षात्कार में बताया कि पुलिस ने ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला को अरपोरा गांव में स्थित नाइटक्लब में लगी भयंकर आग के बाद ब्रिटेन भागने की अनुमति दी।
अमोनकर खोसला के खिलाफ जमीन वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे है।
गोवा पुलिस ने क्लब मालिक सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और आग्निकांड की प्राथमिकी में खोलसा को भी नामजद किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस खोसला की तलाश कर रही है।
अमोनकर ने दावा किया, "ग्राम पंचायत द्वारा क्लब के खिलाफ जारी ध्वस्तीकरण आदेश खोसला के नाम पर था। क्लब के खिलाफ दर्ज सभी शिकायतों में खोसला का नाम है। वह मुख्य आरोपी है।"
अमोनकर ने कहा कि मुख्य आरोपी होने के बावजूद, खोसला देश से भागने में सफल रहा क्योंकि "कुछ बड़े लोग उसे बचा रहे हैं।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अरपोरा-नगोआ पंचायत ने नाइटक्लब को अनुमति दे दी, जबकि उन्हें लिखित रूप से सूचित किया गया था कि भूमि उन लोगों की नहीं है जिन्होंने अनुमति मांगी थी।
अमोनकर ने हाल ही में मुंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ में खोसला के खिलाफ एक याचिका दायर की, जिसे हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए जनहित याचिका में परिवर्तित कर दिया गया।
खोसला के साथ अपने संबंधों के बारे में अमोनकर ने कहा कि उन्होंने 2004 में क्लब के पास बने 107 अपार्टमेंट में से 24 अपार्टमेंट शुरू में खोसला को किराए पर दिए थे।
अमोनकर के अनुसार, उन्होंने खोसला को अपनी जमीन बेचने का समझौता किया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर छह माह बाद सहमति वापस ले ली। इसके बावजूद खोसला ने जमीन पर उसे कब्जा वापस नहीं किया और वहां नाइटक्लब स्थापित करने की अनुमति दे दी।
अमोनकर ने कहा कि आग की घटना के समय खोसला "गोवा में मौजूद था" क्योंकि उसे अदालत की सुनवाई में भाग लेना था।
अमोनकर ने कहा कि उन्हें लगता है कि जांच सही दिशा में है, लेकिन कुछ संदेह व्याप्त है क्योंकि खोसला को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
भाषा
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