प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली विशेष अवकाशकालीन पीठ 22 दिसंबर को अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करेगी
पारुल दिलीप
- 20 Dec 2025, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली विशेष अवकाशकालीन पीठ 22 दिसंबर को कुछ ऐसे अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करेगी, जिनमें तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत है।
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई मुकदमों की सूची के मुताबिक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की अवकाशकालीन पीठ 22 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे से 17 मामलों की सुनवाई के लिए बैठेगी। इनमें कई आपराधिक और दीवानी मामले शामिल हैं।
शीर्ष अदालत की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, “प्रधान न्यायाधीश ने अवकाश के दौरान अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अवकाशकालीन पीठ का गठन किया है। इस पीठ में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची शामिल होंगे। यह पीठ सोमवार यानी 22 दिसंबर 2025 को अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए बैठेगी।”
बयान के मुताबिक, अवकाश अवधि के दौरान तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले महत्वपूर्ण मामलों पर समय पर सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष पीठ का गठन किया गया है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा था कि वह शीर्ष अदालत में क्रिसमस और नये साल की छुट्टियों के पहले दिन यानी 22 दिसंबर को अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करने के लिए तैयार हैं।
अत्यावश्यक मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री मामलों की तात्कालिकता का सत्यापन करेगी और उसके अनुसार उन्हें सूचीबद्ध करेगी।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा था, “हम सोमवार को बैठेंगे। हम उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों पर बोझ नहीं डालेंगे, जिन्हें नये मामलों की सुनवाई के लिए देर रात तक ‘केस फाइल’ का अध्ययन करना पड़ता है। मैं किसी अन्य पीठ को परेशान नहीं करूंगा।”
उन्होंने कहा था, “अभी यह तय नहीं है कि एकल पीठ बैठेगी या दो सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। यह सब मामलों की संख्या पर निर्भर करेगा। हम पीठ के गठन के लिए उचित आदेश पारित करेंगे।”
प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामलों को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध करने वाले कनिष्ठ वकीलों से भी 22 दिसंबर को अपने मामले में दलीलें रखने को कहा।
उच्चतम न्यायालय क्रिसमस और नये साल की छुट्टियों के तहत 22 दिसंबर से दो जनवरी 2026 तक बंद रहेगा।
भाषा पारुल