दिल्ली सरकार जनकल्याण के लिए काम कर रही, प्रशासन की निष्क्रियता बड़ी चुनौतियों में शामिल: उपराज्यपाल
नोमान प्रशांत
- 05 Jan 2026, 07:53 PM
- Updated: 07:53 PM
(फाइल तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने प्रशासन में मौजूद लोगों की निष्क्रियता और नकारात्मकता जैसी विरासत में मिली समस्याओं का सामना करने के बावजूद पिछले 10 महीने में जनकल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।
उपराज्यपाल ने दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और यमुना नदी की सफाई को सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
उन्होंने सरकार के अब तक के कार्यकाल की उपलब्धियों और उसकी नई नीतियों का भी उल्लेख किया।
संजीव झा, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह समेत आम आदमी पार्टी (आप) के कई विधायकों को उपराज्यपाल के संबोधन के दौरान बोलने की कोशिश करने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल के जरिए सदन से बाहर करा दिया।
सक्सेना ने सदन को बताया कि फरवरी 2025 में भारी बहुमत से सत्ता में आई सरकार, जनादेश की अंतर्निहित जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से सचेत है और उन्हें समर्पण के साथ पूरा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “मेरी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती शासन और प्रशासन में वर्षों से व्याप्त जड़ता और नकारात्मकता को दूर करना रही है। लगभग 10 महीनों के छोटे से अंतराल में, मेरी सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए हैं।”
सक्सेना ने स्वीकार किया कि वायु प्रदूषण दिल्ली के सामने आने वाली "सबसे गंभीर" चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का "मौलिक अधिकार" है।
उन्होंने कहा, "मेरी सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पिछले वर्षों की तरह केवल मौसमी उपायों तक सीमित रहने के बजाय, इसने जून 2025 में एक व्यापक, साल भर चलने वाली और समयबद्ध वायु प्रदूषण निवारण योजना शुरू की।"
उपराज्यपाल ने कहा कि वर्षों की उपेक्षा और प्रदूषण के कारण यमुना की हालत दयनीय बनी हुई है।
उन्होंने नए अवजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) की स्थापना और मौजूदा संयंत्रों के उन्नयन का हवाला देते हुए कहा, “पदभार ग्रहण करने के बाद, मेरी सरकार ने यमुना की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। नदी के पुनरुद्धार का कार्य एक साथ कई स्तरों पर किया जा रहा है।”
सक्सेना ने कहा कि अब तक सरकार ने 6.72 लाख आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड जारी किए हैं जिनमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2.62 लाख ‘वय वंदना’ कार्ड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पैनल में शामिल 138 अस्पतालों में 19,287 मरीजों का इलाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे शहर में 383 ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ संचालित किए हैं। डिजिटल इंडिया पहल के तहत, 37 अस्पतालों में अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।
उपराज्यपाल के मुताबिक, सरकार ने सड़क और फ्लाईओवर निर्माण सहित बुनियादी ढांचा विकास के लिए 28,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि नंद नगरी फ्लाईओवर का काम तय समय से पहले पूरा कर लिया गया और ‘बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर’ परियोजना के इस वर्ष मई तक पूरा होने की उम्मीद है।
सक्सेना ने बताया कि ई-बस पहल के तहत 3,535 बसें शामिल की जा चुकी हैं। 36,000 इलेक्ट्रिक ‘चार्जिंग पॉइंट’ स्थापित करने का काम जारी है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो के चौथे चरण के लिए लगभग 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सक्सेना ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल सेवा और द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड दो के दिल्ली खंड के लिए दिल्ली सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया।
दिल्ली में जलभराव को लंबे समय से चली आ रही समस्या मानते हुए, सक्सेना ने कहा कि शहर भर के नालों से लगभग 22 लाख मीट्रिक टन गाद निकाली जा चुकी है।
उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार ने कूड़े के प्रभावी निपटान के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को इस साल 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया है।
इसके अलावा, सरकार आने वाले वर्षों में एमसीडी को प्रतिवर्ष 300 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली को कूड़ा मुक्त शहर बनाने के लक्ष्य के साथ, सरकार का उद्देश्य 2027 तक कूड़े के तीन पहाड़ों का आकार कम करना है।
वह शहर में भलस्वा, गाजीपुर और ओखला स्थित तीन लैंडफिल स्थलों का जिक्र कर रहे थे।
भाषा नोमान