‘आई-पैक’ के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी का मकसद तृणमूल की रणनीति को चुराना : ममता
धीरज दिलीप
- 09 Jan 2026, 08:19 PM
- Updated: 08:19 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, नौ जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि आई-पैक के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का मकसद 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक रणनीति को ‘चुराना’ था।
उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर बृहस्पतिवार को छापेमारी के दौरान उनका वहां पहुंचना गलत नहीं था।
बनर्जी ने यहां एक रैली में अपने भाषण के शुरुआती हिस्से में ही तीखे व्यक्तिगत हमले करते हुए ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह’’ सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर कोयला घोटाले से लाभ उठाने का आरोप लगाया और दावा किया कि यदि आवश्यक हो, तो वह सबूत सार्वजनिक कर सकती हैं।
ममता बनर्जी ने दस किलोमीटर लंबे विशाल विरोध मार्च के बाद यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने छापेमारी स्थल पर विशुद्ध रूप से तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में हस्तक्षेप किया था, न कि मुख्यमंत्री के रूप में।
उन्होंने छापेमारी स्थल पर अप्रत्याशित रूप से पहुंचने के संदर्भ में कहा, ‘‘मैंने कल जो कुछ भी किया, वह तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर किया। मैंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है।’
तृणमूल प्रमुख ने कहा कि ईडी के अधिकारी सुबह छह बजे परिसर में दाखिल हुए, जबकि वह दोपहर करीब 12 बजे वहां पहुंचीं। उन्होंने कहा, ‘‘तब तक तो सब कुछ चोरी हो चुका हो सकता था। पहले तो मुझे लगा कि वे कुछ पूछने या देखने आए हैं। फिर मुझे एहसास हुआ कि वे हमारी पार्टी के दस्तावेज़ और रणनीति से जुड़ी जानकारियां ले जा रहे हैं। इसीलिए मैं तुरंत वहां पहुंची।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे जान से मारने की कोशिश करे, तो क्या मुझे अपना बचाव करने का अधिकार नहीं है? अगर मेरी पार्टी ही नहीं होगी, तो मैं जनता के लिए कैसे लड़ूंगी?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले में धन का लेन-देन ‘‘गद्दारों’’ के जरिये हुआ। उनका स्पष्ट रूप से इशारा भाजपा में शामिल पूर्व तृणमूल नेताओं की ओर था।
बनर्जी ने ‘‘अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी सहित एक कड़ी’’ का नाम लिया और चेतावनी दी कि उनके पास पेन ड्राइव में सबूत मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वे कोयला घोटाले के पैसों की बात करते हैं। लेकिन कोयले का पैसा कौन खाता है? कैसे खाता है? यह गद्दारों के जरिए जाता है। जगन्नाथ से लेकर शुभेंदु और अमित शाह तक, यही कड़ी है। मेरे पास सारे सबूत पेन ड्राइव में हैं। समय आने पर मैं उन्हें सार्वजनिक कर दूंगी।’’
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के साथ अपने टकराव को बढ़ाते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर भाजपा के राजनीतिक हथियार के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, ‘‘सभी एजेंसियों पर कब्जा कर लिया गया है।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में ‘‘जबरदस्ती’’ सत्ता हथिया ली है।
भीड़ की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या आपको लगता है कि आप बंगाल पर भी कब्जा कर सकते हैं? कोई भी राजनीतिक हमला मेरे संकल्प को और मजबूत करता है। अगर कोई मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश करता है, तो मुझे राजनीतिक रूप से नयी ऊर्जा मिलती है और पुनर्जन्म होता है।’’
निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उसकी मदद से महाराष्ट्र में जनादेश ‘चुरा लिया’ था और अब वह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)के जरिये वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाकर बंगाल में भी ऐसा ही करने का प्रयास कर रही है।
ममता बनर्जी ने घोषणा की कि उनकी पार्टी का ‘अगला गंतव्य’ नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग होगा, जहां एसआईआर के दौरान मतदाताओं के कथित उत्पीड़न का विरोध किया जाएगा।
बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘‘वैनिशिंग कुमार’’ कहकर उनका मखौल उड़ाते हुए ‘‘मतदाताओं को गायब करने की’’ किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री ने सवाल किया, ‘‘अगर मतदाताओं को गायब करेंगे तो मैं विरोध करूंगी। क्या आप जादूगर हैं?’’
बनर्जी ने बुजुर्ग मतदाताओं को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाने के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘आप सत्यापन के लिए 90 साल के बुजुर्गों को बुलाते हैं, क्या आपको शर्म नहीं आती?’’
उन्होंने बंगाल में बड़े पैमाने पर रोहिंग्या की मौजूदगी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘अगर रोहिंग्या इतने बड़े मुद्दे थे, तो असम में एसआईआर क्यों नहीं हो रहा? वे असम से प्रवेश करते हैं, बंगाल से नहीं।’’
बनर्जी ने दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों पर हुए कथित हमले की भी निंदा की और इसकी तुलना भाजपा नेताओं के प्रति कथित पक्षपातपूर्ण व्यवहार से की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हमारे सांसदों पर हमला किया गया, जबकि भाजपा नेताओं का भव्य स्वागत किया गया।’’ तृणमूल नेता ने कहा कि उनकी पार्टी झुकने वाली नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘आप मुझे एक दिन के लिए जेल में डाल सकते हैं, लेकिन मैं आपकी सच्चाई पूरी दुनिया के सामने ला कर रख दूंगी।’’
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन के दौरान तीखे कटाक्ष करते हुए 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा को चुनौती दी।
उन्होंने कहा, ‘‘2026 में हमारी हार नहीं होगी, आपकी हार होगी। आपका पतन पहले ही शुरू हो चुका है। दिल्ली में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी।’’ उन्होंने ‘‘जय बांग्ला’’ के नारों के साथ रैली का समापन किया।
भाषा धीरज