बेअंत सिंह हत्याकांड: न्यायालय ने हवारा की पंजाब की जेल में भेजने संबंधी याचिका पर सुनवाई टाली
वैभव मनीषा
- 13 Jan 2026, 04:49 PM
- Updated: 04:49 PM
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा की दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब में किसी कारावास में स्थानांतरण की अर्जी पर सुनवाई मंगलवार को दो हफ्ते के लिए टाल दी।
बब्बर खालसा का यह आतंकवादी 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के मौजूद न होने पर मामले की सुनवाई टाल दी।
पिछले साल 27 सितंबर को, उच्चतम न्यायालय ने हवारा की अर्जी पर केंद्र, चंडीगढ़ प्रशासन और दिल्ली तथा पंजाब की सरकारों को नोटिस जारी किए थे।
हवारा 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय के प्रवेश स्थल पर हुए विस्फोट से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस विस्फोट में बेअंत सिंह और 16 अन्य लोग मारे गए थे।
उच्चतम न्यायालय में दायर अर्जी में कहा गया है कि 22 जनवरी, 2004 को जेल से भागने के एक कथित मामले को छोड़कर, जेल में हवारा का व्यवहार बेदाग रहा है। उक्त मामले में वह भाग गया था और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसमें कहा गया है कि उसका दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी दूसरी जेल में स्थानांतरण कर देना चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में उसके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है।
हवारा, परमजीत सिंह भेवरा, तारा और हत्या के दोषी देवी सिंह जनवरी 2004 में चंडीगढ़ की उच्च सुरक्षा वाली बुरैल जेल में करीब 100 फुट लंबी सुरंग खोदकर फरार हो गए थे।
हवारा और भेवरा को अगले दो साल में पुन: गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में भगोड़े अपराधी तारा को थाइलैंड से गिरफ्तार किया गया, वहीं देवी सिंह फरार है और उसे भगोड़ा घोषित किया गया है।
अर्जी में कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता (हवारा) अभी पंजाब राज्य में दर्ज मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है... वह पंजाब राज्य के फतेहगढ़ साहिब जिले का रहने वाला है, और उसे पंजाब की जेल में रखा जाना चाहिए।’’
याचिका के अनुसार, बेअंत सिंह की हत्या के बाद याचिकाकर्ता पर 36 झूठे मामले दर्ज किए गए थे और एक को छोड़कर बाकी सभी में उसे बरी कर दिया गया। इसमें कहा गया कि इसी मामले में दोषी और जेल से फरार होने में शामिल एक व्यक्ति को तिहाड़ से चंडीगढ़ की जेल भेज दिया गया है।
भाषा वैभव