न्यायालय ने आतंकी वित्तपोषण के आरोपी कारोबारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई
नरेश
- 28 Jan 2026, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उस कारोबारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमत हो गया , जिसके खिलाफ कश्मीर घाटी में आतंकवाद के कथित वित्त पोषण को लेकर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने नवल किशोर कपूर की याचिका पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने बताया कि नवल किशोर कपूर सात साल से अधिक समय से हिरासत में है और आतंकवाद के वित्तपोषण का आरोप भी साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने दलील दी कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, कपूर ने घाटी में अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ज़हूर अहमद शाह वटाली को कुछ पैसे दिए थे, लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल बैंकों के ऋण चुकाने में किया गया था।
कपूर ने पिछले साल दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उनकी याचिका खारिज करने संबंधी आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि अभियोजन पक्ष ने प्रथम दृष्टया यह साबित कर दिया है कि आरोपी ने घाटी में अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भारत में विदेश से धन लाने में वटाली की सहायता की थी।
उच्च न्यायालय ने कपूर की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने अधीनस्थ अदालत के 2019 के आदेश को चुनौती दी थी। उक्त आदेश में उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
कपूर को जुलाई 2018 में गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तय्यबा प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद भी शामिल है, जिस पर विभिन्न संगठनों से प्राप्त धन का इस्तेमाल कर आगजनी और पथराव जैसी अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है।
एनआईए का दावा है कि अलगाववादी मुख्य रूप से हवाला नेटवर्क और बिचौलियों पर निर्भर थे, जो कश्मीर घाटी में भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेशों से भारत में धन लाते थे।
जनवरी 2019 में कपूर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जिसमें उसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और यूएपीए की धाराओं के तहत आरोपित किया गया था।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश
2801 2003 दिल्ली