भारत और अरब लीग के देशों ने फलस्तीन मुद्दे के दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया
अमित
- 01 Feb 2026, 12:37 AM
- Updated: 12:37 AM
नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) भारत और अरब लीग के देशों ने दोनों पक्षों के बीच गहरे संबंधों के लिए शनिवार को एक व्यापक दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने इजराइल के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व वाले एक संप्रभु एवं व्यवहार्य फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना की वकालत की।
भारत और अरब देशों के विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद की निंदा की। दोनों पक्षों ने सभी देशों से आतंकवाद से लड़ने, आतंकी ढांचे एवं आतंकवाद के वित्तपोषण को खत्म करने और आतंकवादी कृत्यों के दोषियों को बिना देरी किए न्याय के कटघरे में लाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया।
भारत की मेजबानी में आयोजित इस बैठक में अरब लीग के 19 सदस्यों देशों ने हिस्सा लिया।
बैठक के अंत में जारी एक घोषणापत्र में कहा गया है कि दोनों पक्ष आतंकवाद के सभी स्वरूपों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। घोषणापत्र में पहलगाम में भारतीय पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई है।
इसमें कहा गया है कि अरब लीग के सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों का सामना करने के लिए भारत के प्रति अपना पूर्ण एवं दृढ़ समर्थन दोहराया है।
घोषणापत्र में कहा गया है कि बैठक में फलस्तीन के मुद्दे, बहुपक्षवाद के समर्थन और राज्यों की संप्रभुता के सम्मान, आतंकवाद रोधी उपायों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों सहित पारस्परिक चिंता के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों की एक विस्तृत शृंखला पर चर्चा की गई।
इसमें कहा गया है कि दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।
घोषणापत्र में कहा गया है, "दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान, विशेष रूप से संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के महत्व पर जोर दिया।"
इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में अंतरराष्ट्रीय कानून, संबंधित संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और अरब शांति पहल के अनुसार "न्यायपूर्ण, व्यापक एवं स्थायी शांति" हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।
घोषणापत्र के मुताबिक, "दोनों पक्षों ने 1967 की सीमाओं पर आधारित एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का आह्वान किया, जो इजराइल के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहे। दोनों पक्षों ने फलस्तीनी लोगों के अविभाज्य अधिकारों के पालन का समर्थन किया।"
भाषा पारुल अमित
अमित
0102 0037 दिल्ली