बजट में निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु के लिए दुर्लभ खनिज गलियारे की घोषणा की
दिलीप
- 01 Feb 2026, 05:13 PM
- Updated: 05:13 PM
चेन्नई, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट में चेन्नई के लिए 'हाई स्पीड रेल लिंक', पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग और एक 'दुर्लभ खनिज गलियारे' समेत तमिलनाडु के लिए कई योजनाओं की घोषणा की।
उन्होंने पुलिकट झील के किनारे पक्षी अवलोकन मार्गों का निर्माण और आदिचनल्लूर के पुरातात्विक स्थल को एक जीवंत, अनुभव जन्य सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित करने जैसी अन्य घोषणाएं भी कीं।
वित्त मंत्री ने कहा कि आदिचनल्लूर के संबंध में, खुदाई किए गए परिदृश्यों को सुव्यवस्थित (क्यूरेटेड) पैदल मार्गों के माध्यम से आम जनता के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षण प्रयोगशालाओं, व्याख्या केंद्रों और गाइड को सशक्त बनाने के लिए 'इमर्सिव स्टोरीटेलिंग' कौशल और प्रौद्योगिकियों को भी शामिल किया जाएगा।
मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, ''हम शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो ग्रोथ कनेक्टर के रूप में काम करेंगे तथा हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु उनमें शामिल होंगे।''
उन्होंने कहा, ''रेयर अर्थ पर्मानेंट मैग्नेट लिए एक योजना नवंबर 2025 में शुरू की गई थी। अब हम खनिज समृद्ध राज्यों--ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित दुर्लभ खनिज गलियारे स्थापित करने में सहायता देने का प्रस्ताव करते हैं।''
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में विश्व स्तरीय 'ट्रेकिंग और हाइकिंग' अनुभव प्रदान करने की क्षमता और अवसर मौजूद हैं इसलिए, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्ग विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साथ ही, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में पुलिकट झील के किनारे पक्षी अवलोकन मार्ग भी विकसित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने कहा, ''भारत में विकास, नवाचार और अवसरों के केंद्र शहर हैं। अब हम द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों, और यहां तक कि मंदिर-नगरों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, जिन्हें आधुनिक बुनियादी ढांचे और मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। इस बजट का उद्देश्य विशिष्ट विकास कारकों के आधार पर शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीईआर) का मानचित्रण करके शहरों की आर्थिक शक्ति को और अधिक बढ़ाने की क्षमता विकसित करना है। प्रत्येक सीईआर के लिए पांच वर्षों में 5000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्ताव है, ताकि सुधार-सह-परिणाम आधारित वित्तपोषण तंत्र के साथ चुनौती-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से उनकी योजनाओं को कार्यान्वित किया जा सके।''
तमिलनाडु में हजारों मंदिर एवं रामेश्वरम जैसे तीर्थस्थल हैं। राज्य में मदुरै, कांचीपुरम और कुंभकोणम जैसे कई मंदिर नगर भी हैं।
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप
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