मणिपुर के 20 से अधिक भाजपा विधायक केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक के लिए दिल्ली रवाना
नरेश
- 01 Feb 2026, 05:56 PM
- Updated: 05:56 PM
इंफाल, एक फरवरी (भाषा) मणिपुर के 20 से अधिक भाजपा विधायक पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक में शामिल होने के लिए रविवार को नयी दिल्ली रवाना हुए। इन विधायकों के साथ पार्टी की प्रदेश इकाई की अध्यक्ष भी थीं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष अधिकारीमयूम शारदा देवी ने इंफाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ''राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी विधायकों को बुलाया गया है। हमें उम्मीद और विश्वास है कि जनता की सरकार बनेगी।''
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा, ''चूंकि राजग सहयोगी दलों के सभी विधायकों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, इसलिए मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। इससे पहले भाजपा के सभी विधायकों की बैठक हुई थी। राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त होने वाली है। सकारात्मक पहल की उम्मीद है।''
जब सिंह से पूछा गया कि अगर वह सत्ता में होते तो क्या हालात अलग होते, इस पर उन्होंने कहा, ''सरकार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। मैंने मणिपुर में हालात बदलने की पूरी कोशिश की। पहाड़ी और घाटी दोनों इलाकों में काफी बदलाव हुए हैं।''
लामसांग निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एस राजन सिंह ने कहा, ''सरकार बनने की संभावना है। हालांकि, राज्य की स्थिति का जायजा लेने के बाद केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नेता का चयन किया जाएगा। बैठक सोमवार शाम को होने की संभावना है।''
विधायक एच डिंगो ने बताया कि बैठक सोमवार शाम को है, लेकिन बैठक का एजेंडा अभी घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ''हमें बस इतना बताया गया है कि आज ही दिल्ली पहुंच जाएं।''
खुराई निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एल सुसिंद्रो ने कहा कि उन्हें दिल्ली में होने वाली बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
भाजपा और राजग के अन्य विधायकों के भी शाम को राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने की संभावना है।
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रदेश अध्यक्ष लोरहो एस पफोजे ने कहा, ''मैं भी दिल्ली के लिए रवाना हो रहा हूं। सरकार गठन को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं है। हमें सिर्फ बैठक के लिए बुलाया गया है।''
एनपीपी के नगा विधायक जे पामेई ने कहा, ''आइए बेहतर की उम्मीद करें। हां, हमें बुलाया गया है, हम सभी राजग सहयोगी हैं। देखते हैं क्या होता है।"
मई 2023 से मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
पिछले साल 13 फरवरी को एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। राज्य विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित कर दिया गया।
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं। राज्य में राजग की सहयोगी एनपीपी और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के क्रमशः छह और पांच विधायक हैं।
भाषा आशीष नरेश
नरेश
0102 1756 इंफाल