बजट में बंगाल का जिक्र नहीं, सरकार हमें 'बांग्लादेशी' के रूप में देखती है : अभिषेक बनर्जी
नरेश
- 01 Feb 2026, 06:33 PM
- Updated: 06:33 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के लोगों को ''बांग्लादेशी'' के रूप में देखने का आरोप लगाया और बजट भाषण में राज्य का उल्लेख न करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की कड़ी आलोचना की।
बजट के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने इसे ''अनाम, आधारहीन और अदूरदर्शी'' करार देते हुए कहा कि इसमें किसी भी समुदाय के लिए कोई समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा, ''बजट भाषण 85 मिनट लंबा था- 5,100 सेकंड का... बंगाल का ज़िक्र तक नहीं हुआ। बंगाल की बात छोड़िए; किसान, युवा...किसी के लिए भी कुछ ठोस नहीं था।''
बनर्जी ने कहा, ''वे एआई, स्किल इंडिया, तकनीकी प्रगति की बात करते हैं; युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा, रोजगार कैसे पैदा होगा, इस बारे में कोई उल्लेख नहीं है। किसानों की आय बढ़ाने के बारे में कुछ नहीं है, किसी भी समुदाय के लिए कुछ नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''यह केंद्र सरकार और उसके मंत्री हैं, जिन्होंने बजट पेश किया, वही हमें बांग्लादेशी कहते हैं। बजट में बंगाल का तो ज़िक्र तक नहीं किया गया। जल जीवन मिशन का पैसा रोक दिया गया है, उन्होंने पुराने वादे भी पूरे नहीं किए हैं।''
प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर पश्चिम बंगाल के 10 करोड़ लोगों को बांग्लादेशी करार देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ''राज्य के लोगों-श्रमिकों, किसानों, मछुआरों और युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। युवाओं के लिए कोई खाका नहीं है।''
बनर्जी ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। तृणमूल नेता ने कहा, ''हमें इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। 2021 के बाद, भाजपा ने जिस तरह से बंगाल की जनता को प्रताड़ित किया है, उससे हमें उनसे कोई उम्मीद नहीं रह गई है। भाजपा को पता है कि वह बंगाल चुनाव हारेगी, इसीलिए उन्होंने जानबूझकर राज्य को धनराशि आवंटित नहीं की।''
उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण को ''अपनी पीठ थपथपाने वाली रिपोर्ट'' करार दिया। बनर्जी ने कहा, ''सरकार अपने बजट का बचाव करेगी; मेरे हिसाब से तो यह उसके अपने जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार की गई अपनी पीठ थपथपाने वाली रिपोर्ट जैसा है। इसमें किसी भी मुद्दे का कोई भी ठोस समाधान नहीं दिया गया है।''
उन्होंने यह भी कहा कि जहां राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) पहले से बेंगलुरु में मौजूद है और झारखंड व असम के लिए ऐसे नए संस्थानों की घोषणा की गई, वहीं पश्चिम बंगाल को ''कुछ भी नहीं मिला।''
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने कहा कि बजट में कोई नयी घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने सीतारमण के बजट भाषण में पश्चिम बंगाल का जिक्र न होने पर केंद्र सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ''वित्त मंत्री को कोई भी नयी घोषणा करने की छूट नहीं दी गई। पुरानी योजनाओं को दोहराया गया है...किसी भी राज्य को कुछ नहीं मिला और पश्चिम बंगाल को तो बिल्कुल भी कुछ नहीं मिला।''
भाषा आशीष नरेश
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