बजट के दिन की भारी गिरावट से उबरा शेयर बाजार, सेंसेक्स ने लगाई 943 अंक की छलांग
अजय
- 02 Feb 2026, 05:30 PM
- Updated: 05:30 PM
मुंबई, दो फरवरी (भाषा) आम बजट के दिन भारी गिरावट का सामना करने वाले घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को जोरदार वापसी की। तेल एवं गैस, बैंक और वाहन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी आने से बीएसई सेंसेक्स 943 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 263 अंक की तेजी दर्ज की गई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 943.52 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,666.46 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,009.31 अंक चढ़कर 81,732.25 अंक के उच्चस्तर तक पहुंच गया था।
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 262.95 अंक यानी 1.06 प्रतिशत बढ़कर 25,088.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 282.65 अंक चढ़कर 25,108.10 अंक तक पहुंच गया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेज गिरावट और बजट के दिन की भारी गिरावट से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मूल्य-आधारित खरीदारी आने से घरेलू शेयर बाजारों को राहत मिली।
सेंसेक्स की कंपनियों में से पावर ग्रिड में 7.61 प्रतिशत और अदाणी पोर्ट्स में 4.76 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इनके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो), आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट भी प्रमुख रूप से लाभ में रहीं।
दूसरी तरफ एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, ट्रेंट और टाइटन के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए।
क्षेत्रवार सूचकांकों में उपयोगिता खंड में सर्वाधिक 2.66 प्रतिशत की तेजी रही जबकि बिजली खंड में 2.54 प्रतिशत, सेवा खंड में 2.38 प्रतिशत और ऊर्जा खंड में 1.98 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
जनवरी महीने में विनिर्माण गतिविधियों में हल्के सुधार के आंकड़ों ने भी बाजार धारणा को समर्थन दिया। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) दिसंबर के दो साल के निचले स्तर 55 से बढ़कर जनवरी में 55.4 रहा।
हालांकि, कारोबारी भरोसा साढ़े तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई।
इससे पहले, रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के दिन प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। सेंसेक्स 1,546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत टूटकर 80,722.94 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 495.20 अंक यानी 1.96 प्रतिशत गिरकर 24,825.45 अंक पर रहा था।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''एसटीटी में बढ़ोतरी और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की अधिक उधारी जुटाने की योजना से बाजार में अस्थिरता बढ़ी थी। लेकिन बजट में नीतिगत निरंतरता, वृद्धि पर स्पष्ट जोर और राजकोषीय अनुशासन से मध्यम-से-दीर्घकालिक आय को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है।''
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों से भी बाजार को सहारा मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.88 प्रतिशत टूटकर 65.94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ''बजट के दिन करीब दो प्रतिशत की गिरावट के बाद निवेशकों ने अपनी बाजार स्थिति को नए सिरे से तय किया और भारतीय शेयर बाजारों ने पुरजोर वापसी की। बड़ी कंपनियों के शेयर कम भाव पर मिलने से उनमें खरीदारी आई लेकिन कुल बाजार धारणा अभी सतर्कता वाली ही है।''
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने रविवार को 588.34 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत से अधिक टूट गया जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में बंद हुए थे।
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