खेल मंत्री साइ के तहत चल रही परियोजनाओं की जवाबदेही तय करने के लिए तिमाही समीक्षा करेंगे
सुधीर
- 03 Feb 2026, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने करीब 120 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद मंगलवार को कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के तहत चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जवाबदेही, समय पर पूरा होने और उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए वह तिमाही समीक्षा करेंगे।
"संतुलित और समावेशी खेल अवसंरचना विकास" सुनिश्चित करने के लिए नयी परियोजनाएं देश भर में साइ केंद्रों में फैली हुई हैं। इसमें पूर्वोत्तर और पूर्वी क्षेत्र भी शामिल हैं।
इनमें बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में एक नये सिंथेटिक हॉकी टर्फ का निर्माण शामिल है। राष्ट्रीय हॉकी टीमों के इस शिविर स्थल पर पहले से दो टर्फ हैं और तीसरे टर्फ को मार्च-अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा पटियाला में बहुउद्देश्यीय हॉल का निर्माण, भोपाल, गुवाहाटी और जलपाईगुड़ी में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बिछाने और भोपाल में बहुउद्देश्यीय जूडो हॉल के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। साइ के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं के अगले तीन से चार महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
मांडविया ने जवाबदेही और समयबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
उन्होंने कहा, "यह मेरा अनुरोध और सुझाव है कि साइ को मासिक समीक्षा करनी चाहिए, जबकि मैं हर तीन महीने में प्रगति की समीक्षा करूंगा, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों। हमें बहुत काम करना है।"
उन्होंने कहा, "अगर हम धीमे रहे तो समय पर बजट का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। मैंने देखा है कि खेल अवसंरचना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है, छोटे गांवों में भी इसे सफलतापूर्वक खड़ा किया गया है लेकिन साइ के तहत आने वाला ढांचा हमारे लिए चुनौती बना हुआ है।"
मांडविया ने कहा, "सर्वोत्तम उपयोग और रखरखाव सुनिश्चित करना खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी है। साइ की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और हम छोटा सोचने का जोखिम नहीं उठा सकते।"
पिछले कुछ सप्ताह में दिल्ली के साइ स्टेडियमों की खराब स्थिति और इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की ओर से सुविधाओं को लेकर की गई शिकायतों के कारण साइ को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
खेल मंत्री ने शिलान्यास के अलावा पटियाला स्थित एनएस एनआईएस में 38 करोड़ रुपये की लागत से बने दो एथलीट सहायता केंद्रों का उद्घाटन भी किया।
मांडविया ने कहा कि उनकी तिमाही समीक्षा के अलावा साइ मासिक समीक्षा भी करेगा, ताकि परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके और तैयार की गई सुविधाओं का खिलाड़ियों के हित में बेहतर उपयोग हो।
पटियाला के एनएस एनआईएस में हुए उन्नयन में एक केंद्रीकृत रसोई और फूड कोर्ट-सह-डाइनिंग हॉल शामिल है, जिससे खिलाड़ियों की पोषण संबंधी सेवाएं मजबूत होंगी। रसोई में प्रतिदिन 2,000 लोगों के लिए भोजन तैयार करने की क्षमता होगी और डाइनिंग हॉल में एक समय में 400 खिलाड़ी बैठ सकेंगे।
एनएस एनआईएस में एक एकीकृत खेल विज्ञान केंद्र और कंडीशनिंग हॉल भी शुरू किया गया है, जिससे शीर्ष खिलाड़ियों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रदर्शन विश्लेषण, पुनर्वास और रिकवरी सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। इसका निर्माण 2021 में शुरू हुआ था।
मांडविया ने उद्घाटन के दौरान कहा, "देश भर में कई खेल अवसंरचना परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं लेकिन साइ के तहत आने वाली सुविधाएं हमारी सीधी जिम्मेदारी हैं। इन परिसंपत्तियों का सही रखरखाव, अधिकतम उपयोग और जहां संभव हो, व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि सार्वजनिक निवेश से दीर्घकालिक लाभ मिलता रहे।"
कुल 82 करोड़ रुपये की लागत वाली छह शिलान्यास परियोजनाएं खेलो इंडिया योजना के तहत साइ के अतिरिक्त सहयोग से लागू की जा रही हैं।
मांडविया ने कहा, "आज खेल एक पेशा बन चुका है, इसलिए प्रतिभा की पहचान और उसके पोषण को और मजबूत करना जरूरी है। सरकार को ऐसे अवसर और व्यवस्थाएं बनाने में हमेशा एक कदम आगे रहना होगा, जिससे युवा प्रतिभाएं जमीनी स्तर से शीर्ष स्तर तक आगे बढ़ सकें।"
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर
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