शिअद नेता मजीठिया नाभा जेल से बाहर आए, कहा-सरकार चाहती थी 'मैं जिंदा बाहर न आऊं'
संतोष
- 03 Feb 2026, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
पटियाला, तीन फरवरी (भाषा) शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया उच्चतम न्यायालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दिए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को पटियाला की न्यू नाभा जेल से बाहर आ गए। उन्होंने आरोप लगाया गया कि सरकार नहीं चाहती थी कि वह जेल से जिंदा बाहर आएं।
सात महीने जेल में बिताने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने पिछले साल 25 जून को अमृतसर स्थित उनके आवास से मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था जिसमें कथित तौर पर मादक पदार्थों के 540 करोड़ रुपये का धनशोधन भी शामिल है।
मजीठिया के समर्थक जेल के बाहर उनका स्वागत करने के लिए जमा हुए और शिअद के समर्थन में नारे लगाए।
अपराह्न करीब 2:15 बजे जेल से बाहर आने के बाद मजीठिया ने अपनी मूंछों को अपने खास अंदाज में घुमाया, जिससे समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए और यह भी कहा, "टाइगर अभी जिंदा है"।
उनके समर्थकों ने उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं।
एक कार की छत पर बैठे हुए उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद किया। उन्होंने हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का भी आभार व्यक्त किया।
इससे पहले दिन में मजीठिया के वकील एच एस धनोआ ने कहा कि पंजाब सरकार ने मोहाली की एक अदालत में अकाली दल के नेता के लिए कड़ी जमानत शर्तों की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया है।
इनमें से एक सिफारिश यह थी कि मजीठिया को पंजाब में प्रवेश करने से रोक दिया जाए और उन्हें इस मामले के संबंध में सोशल मीडिया पर बयान देने से प्रतिबंधित किया जाए।
धनोआ ने कहा कि हालांकि अदालत ने इन अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया।
मीडिया से बात करते हुए मजीठिया ने कहा, "मैं आपकी प्रार्थनाओं और आशीर्वाद के कारण बाहर आया हूं।"
उन्होंने दावा किया, "आज मैं बाहर आया, अन्यथा अगर सरकार की चलती तो वह मुझे (जेल से) जिंदा बाहर नहीं आने देना चाहती थी।"
उन्होंने आरोप लगाया, "अगर (मुख्यमंत्री) भगवंत मान की मनमानी चली तो गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की तरह वह मेरी सुरक्षा से समझौता करके मेरी भी हत्या करवा सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं मान को बताना चाहता हूं कि न तो मजीठिया रुकेगा, न ही झुकेगा और पंजाब की जनता के मुद्दों को उठाता रहेगा।"
राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों के जेल दौरे पर मजीठिया ने कहा कि ब्यास ने उनसे मुलाकात की थी और "उनकी 'जादू दी झप्पी' को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"
मजीठिया ने आरोप लगाया कि सोमवार को जब ढिल्लों उनसे मिलने जेल गए थे, तब उनकी सुरक्षा से समझौता किया गया था।
ढिल्लों ने आरोप लगाया कि उनके सुरक्षाकर्मियों को बाहर ही रोक दिया गया था।
मजीठिया ने यह भी दावा किया कि जेल में कुल 32 कैमरे सिर्फ उन्हें देखने के लिए लगाए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सप्ताह में दो बार रिश्तेदारों से मिलने का प्रावधान होने के बावजूद उनसे (रिश्तेदारों) मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
मजीठिया ने उनके साथ खड़े रहने के लिए भाजपा नेताओं सुनील जाखड़, अमरिन्दर सिंह, तरुण चुघ, उनकी पार्टी के प्रमुख सुखबीर बादल, बहन हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा को भी धन्यवाद दिया।
मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।
बाद में उन्होंने गुरुद्वारा दुखनिवारन का दौरा किया और मत्था टेका।
अकाली नेता की पत्नी, गनीव कौर मजीठिया भी वहां मौजूद थीं और उन्होंने ईश्वर और उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद दिया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह सत्य की जीत है। सरकार यह भूल गई थी कि ऊपर ईश्वर है।"
अमृतसर में मजीठिया के आवास के बाहर उनके समर्थक इकट्ठे हुए, मिठाई बांटी और ढोल की थाप पर नृत्य किया।
उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सोमवार को मजीठिया को जमानत देने का आदेश दिया। यह सुनवाई पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के चार दिसंबर के उस आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर हुई, जिसमें उन्हें इस मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष
0302 2047 पटियाला