बंगाल विधानसभा चुनाव : तृणमूल, भाजपा के खिलाफ सभी ताकतों को एकजुट करना चाहती है माकपा
सुरेश
- 05 Feb 2026, 07:17 PM
- Updated: 07:17 PM
कोलकाता, पांच फरवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ सभी ताकतों को एकजुट करना चाहती है।
माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि वह इस उद्देश्य से सभी से बातचीत कर रहे हैं।
उन्होंने यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कहा, ''हम चाहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ सभी ताकतें एकजुट होकर उनके खिलाफ लड़ें।''
कांग्रेस के तृणमूल और भाजपा-विरोधी मुहिम में शामिल होने के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने कहा है कि इस मुद्दे पर जमीनी स्तर के कार्यकर्ता फैसला लेंगे।
वामपंथी दलों ने 2021 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस और इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन में लड़ा था। हालांकि, उन दोनों का खाता तक नहीं खुला और केवल आईएसएफ को एक सीट मिली।
सलीम ने कहा कि तीन महीने बाद होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव-पूर्व गठबंधन या सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के साथ अब तक कोई सार्थक चर्चा नहीं हुई है।
सलीम से जब पूछा गया कि क्या तृणमूल के निलंबित विधायक एवं हाल में जनता उन्नयन पार्टी का गठन कर चुके हुमायूं कबीर का जिक्र प्रदेश समिति की बैठक में चर्चा के दौरान हुआ, इसपर उन्होंने कहा, ''जब माकपा विधानसभा चुनावों से पहले विचार-विमर्श करती है और अपनी संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा करती है, तो वह किसी विशिष्ट व्यक्ति पर चर्चा नहीं करती।''
पिछले सप्ताह, सलीम ने यहां न्यू टाउन के एक होटल में कबीर के साथ एक बैठक की थी, जिससे आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं।
मुर्शिदाबाद जिले में, बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर हाल में विवादों में रहे तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक से मुलाकात के बाद सलीम ने कहा था, ''मैं उनसे (कबीर से) यह जानना चाहता था कि वह क्या करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य क्या है।''
सलीम ने दावा किया कि पहले मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने वाली ममता बनर्जी सरकार अब कह रही है कि अगर एसआईआर आगामी कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद किया जाता है तो कोई समस्या नहीं है।
भाषा सुभाष सुरेश
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0502 1917 कोलकाता