युग युगीन संग्रहालय परियोजना का बजट, समयसीमा तय की जा रही : सरकार
सुभाष
- 12 Feb 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) सरकार ने राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कहा कि युग युगीन भारत संग्रहालय में संस्कृति मंत्रालय के छह संग्रहालयों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 52 संग्रहालयों, स्वदेश वापस लाई गई कलाकृतियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, राज्य स्तरीय संग्रहालयों तथा प्रमुख निजी संग्रहों से लंबी अवधि के लिए ली गईं कलाकृतियों एवं वस्तुओं को रखा जाएगा।
उच्च सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ''चूंकि (संग्रहालय की) डिजाइन पर अभी काम जारी है, इसलिए परियोजना का बजट और समय सीमा तय की जा रही है।''
तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने 'साउथ ब्लॉक' और 'नार्थ ब्लॉक' में स्थापित होने वाले युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय के निर्माण की "मूल और संशोधित समयसीमा" तथा "देरी" के कारणों के बारे में प्रश्न पूछा था, जिसके लिखित उत्तर में मंत्री ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने पहले कहा था कि आगामी युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय - जिसे दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय बताया जा रहा है - में आठ विषयगत खंड होंगे जो 5,000 वर्षों से अधिक समय तक के भारत के इतिहास की झलक प्रदर्शित करेंगे।
पूर्व में जानकारी दी गयी थी कि राष्ट्रीय राजधानी स्थित 'नॉर्थ ब्लॉक' और 'साउथ ब्लॉक' में बनने वाला नया संग्रहालय 1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा और इसमें तहखाने और तीन मंजिलों में स्थित 950 कमरे होंगे।
शेखावत ने अपने जवाब में कहा, ''इसे सेंट्रल विस्टा परियोजना के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। चूंकि डिजाइन चरण अभी जारी है, इसलिए परियोजना का बजट और समयसीमा तय की जा रही है।"
मंत्री ने कहा, "युग युगीन भारत संग्रहालय (वाईवाईबीएम) के लिए, संस्कृति मंत्रालय (एमओसी) के छह संग्रहालयों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 52 संग्रहालयों, स्वदेश वापस लाई गई कलाकृतियां और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, राज्य स्तरीय संग्रहालयों तथा प्रमुख निजी संग्रहों से दीर्घकाल के लिए ली गईं वस्तुएं शामिल होंगी।"
शेखावत ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय "पुरातन वस्तुओं की देखभाल के उच्चतम मानकों" को सुनिश्चित करने के लिए एक मानकीकृत संरक्षण प्रयोगशाला का रखरखाव करता है।
भाषा माधव सुभाष
सुभाष
1202 2012 संसद