गुजरात: कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर के खिलाफ याचिका दायर की, चुनावी नियमों के उल्लंघन का आरोप
नरेश
- 12 Feb 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
सूरत, 12 फरवरी (भाषा) गुजरात के सूरत में कांग्रेस के दो नेताओं ने राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर नियमों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन और मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाए जाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस की सूरत जिला इकाई के अध्यक्ष विपुलकुमार उधनावाला और सूरत में कांग्रेस सेवा दल के मुख्य आयोजक विनोद पाटिल ने 10 फरवरी को यह याचिका दायर की।
न्यायमूर्ति भार्गव कारिया और न्यायमूर्ति एलएस पीरजादा की पीठ आने वाले दिनों में याचिका पर सुनवाई कर सकती है।
गुजरात में एसआईआर प्रक्रिया पिछले वर्ष चार नवंबर को शुरू हुई और 14 दिसंबर को समाप्त हुई।
निर्वाचन आयोग ने 19 दिसंबर को राज्य के लिए मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 74 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए गए, जिससे मतदाताओं की कुल संख्या पहले के 5.08 करोड़ के मुकाबले 4.34 करोड़ रह गई।
याचिका के प्रतिवादियों में गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), सूरत के जिला निर्वाचन अधिकारी और सूरत जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से आयोग द्वारा पूरे गुजरात में शुरू किये गये एसआईआर के दौरान मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया।
याचिका के अनुसार, आयोग ने राज्य में मतदाता सूची का एसआईआर शुरू किया और नियम 13(2) के तहत प्रपत्र-7 में आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 18 जनवरी से बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता बिना दस्तावेजी साक्ष्य के और नियमों में निर्धारित तरीके से नहीं बल्कि प्रपत्र-7 में सामूहिक रूप से आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।
उन्होंने दलील दी कि नियम 13(2) के तहत, एक ही निर्वाचन क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति प्रपत्र-7 में दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है और ऐसे प्रत्येक दावे या आपत्ति को डाक द्वारा पंजीकरण अधिकारी को भेजा जाना आवश्यक है।
याचिकाकर्ताओं ने मामले की सुनवाई और अंतिम निपटारे तक गुजरात में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया।
भाषा जितेंद्र नरेश
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