उच्चतम न्यायालय ने दृष्टिबाधित उम्मीदवारों पर हलफनामा दाखिल करने के लिए यूपीएससी को समय दिया
माधव
- 16 Feb 2026, 06:03 PM
- Updated: 06:03 PM
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को परीक्षाओं में दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर की तैनाती और इस्तेमाल के लिए प्रस्तावित कार्य योजना, समयसीमा और तौर-तरीकों पर अपना अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए सोमवार को एक सप्ताह का समय दिया।
पिछले साल तीन दिसंबर को उच्चतम न्यायालय ने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि वह परीक्षा अधिसूचना में एक प्रावधान शामिल करे, जिसमें पात्र उम्मीदवारों को परीक्षा से कम से कम सात दिन पहले तक (सहायक) लेखक बदलने का अनुरोध करने की अनुमति दी जाए।
न्यायालय ने यूपीएससी को दो महीने के भीतर एक व्यापक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए भी कहा था, जिसमें ''उसके द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर की तैनाती और इस्तेमाल के लिए प्रस्तावित कार्य योजना, समयसीमा और तौर-तरीकों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया हो।''
न्यायालय ने यह भी कहा था कि हलफनामे में सभी केंद्रों या निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर सॉफ्टवेयर और संबंधित बुनियादी ढांचे के परीक्षण, मानकीकरण और सत्यापन के लिए प्रस्तावित कदमों का भी उल्लेख किया जाएगा।
शीर्ष अदालत ने कहा था कि हलफनामे में यह भी दर्शाया जाना चाहिए कि अगली परीक्षा अवधि से सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए उक्त सुविधा को उपलब्ध कराना कितना संभव है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सोमवार को मामले पर सुनवाई की।
यूपीएससी की ओर से पेश वकील ने कहा, ''हम निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। हमें अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए केवल एक सप्ताह का समय चाहिए।''
पीठ ने यूपीएससी को तीन दिसंबर के उसके आदेश के अनुसार अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया और मामले की सुनवाई 23 फरवरी को तय की।
दिसंबर 2025 के अपने आदेश में शीर्ष न्यायालय ने कहा कि दिव्यांग लोगों को गारंटीकृत अधिकार परोपकार के कार्य नहीं हैं, बल्कि समानता, गरिमा और गैर-भेदभाव के संवैधानिक वादे की अभिव्यक्ति हैं।
पीठ ने दिव्यांगजन के अधिकारों के पैरोकार संगठन 'मिशन एक्सेसिबिलिटी' द्वारा दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाया। याचिका में यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में लेखक के पंजीकरण की समय सीमा में संशोधन का अनुरोध किया गया था।
भाषा आशीष माधव
माधव
1602 1803 दिल्ली