केजरीवाल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आबकारी मामले को 'निष्पक्ष' पीठ को भेजने की मांग की: आप
नरेश
- 11 Mar 2026, 08:25 PM
- Updated: 08:25 PM
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और आबकारी नीति मामले में अन्य आरोपियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उनसे इस मामले को न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की अदालत से स्थानांतरित करने का आग्रह किया है।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त करने वाले निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रही हैं।
पार्टी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी (आप) के कई नेताओं ने मामले को उच्च न्यायालय की ''निष्पक्ष'' पीठ के समक्ष स्थानांतरित करने की मांग की है।
बयान के अनुसार, केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए एक अभ्यावेदन में न्यायमूर्ति शर्मा पर ''पक्षपात'' करने का आरोप लगाया है।
अभ्यावेदन में केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें इस बात का ''वास्तविक और उचित संदेह'' है कि इस मामले की सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ नहीं होगी।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को हाल ही में सीबीआई अदालत ने आबकारी नीति मामले में आरोपमुक्त किया था।
सोमवार को, सीबीआई द्वारा निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल और अन्य आरोपियों से इस मामले में उनका रुख पूछा।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया और सीबीआई की याचिका पर सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय की। न्यायाधीश ने मामले से जुड़े सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ निचली अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों पर भी रोक लगा दी।
अभ्यावेदन के मुताबिक, केजरीवाल ने दावा किया कि उनकी आशंका न्यायाधीश के पूर्व आचरण पर आधारित है, और कहा कि उन्हें आरोपमुक्त करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका के पहले ही दिन, न्यायमूर्ति शर्मा ने दूसरे पक्ष को सुने बिना ही प्रथम दृष्टया यह राय दर्ज कर दी कि निचली अदालत का विस्तृत आदेश ''त्रुटिपूर्ण'' था।
उन्होंने संबंधित ईडी मामले में सुनवाई की कार्यवाही स्थगित करने के संबंध में न्यायमूर्ति शर्मा के निर्देश पर भी आपत्ति जताई।
भाषा शफीक नरेश
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1103 2025 दिल्ली