कांग्रेस सांसद ने विदेश में भारतीय छात्रों पर हमलों और महंगे हवाई किराए पर रास में चिंता जताई
माधव
- 11 Mar 2026, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण विदेश में अध्ययनरत भारतीय छात्रों की सुरक्षा और दुबई से लौटने वाले लोगों से वसूले जा रहे अत्यधिक हवाई किराए को लेकर चिंता व्यक्त की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए गोहिल ने कहा कि दुनिया में कहीं भी किसी भारतीय नागरिक पर हमला या उत्पीड़न देश के सम्मान पर हमला माना जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले रूस में भारतीय छात्रों पर चाकू से हमला हुआ, जिसमें चार छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में 'ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन' ने शिकायत दर्ज कराई और प्रदर्शन भी किया।
गुजरात से कांग्रेस सांसद ने विदेश मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2025 में 350 छात्रों से शिकायतें मिलीं, जिनमें से 200 शिकायतें रूस से थीं।
गोहिल ने कहा कि ऐसी घटनाएँ इसलिए हो रही हैं क्योंकि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजीकरण किया है और छात्रों को लगता है कि भारत में महंगी शिक्षा के कारण एमबीबीएस विदेश में करना उचित है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के बावजूद कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं, जबकि भारत की ओर से कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि लोग दुबई से लौटना चाहते हैं, लेकिन एयरलाइनें अत्यधिक किराया ले रही हैं।
कांग्रेस की ही जे बी माथेर हीशम ने अंगदान की तात्कालिक आवश्यकता और प्रक्रिया में पारदर्शिता की अहमियत पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने केरल की नौ महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम और 19 वर्षीय लड़की जासलिया जॉनसन के अंगदान का उल्लेख किया, जिनके परिवारों ने साहसिक निर्णय लेकर दूसरों को जीवन देने का फैसला किया।
माथेर हीशम ने कहा, ''केरल से यह एक शक्तिशाली संदेश… है, यह असली केरल की कहानी है।''
उन्होंने कहा कि अंगदान बहुत महत्वपूर्ण है और सरकार को अधिक पारदर्शिता और जागरूकता सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि अधिक जीवन बचाए जा सकें। उन्होंने सरकार से अंगदान के लिए व्यापक स्तर पर जागरुकता फैलाने की मांग भी की।
भाषा
मनीषा माधव
माधव
1103 1805 संसद