त्रिशूर पटाखा विस्फोट: पटाखों में इस्तेमाल किए गए रसायनों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच जारी
मनीषा
- 23 Apr 2026, 03:22 PM
- Updated: 03:22 PM
त्रिशूर (केरल), 23 अप्रैल (भाषा) त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोड में पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट के दो दिन बाद पुलिस की फॉरेंसिक टीम इस बात की जांच कर रही है कि पटाखे बनाने में किन रसायनों का इस्तेमाल किया गया था और क्या उसमें कोई ऐसा रसायन भी था जो प्रतिबंधित है।
इस घटना में 14 लोगों की जान चली गई थी।
एक फॉरेंसिक अधिकारी ने कहा कि विस्फोट स्थल से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं और सामग्रियों की प्रयोगशाला में जांच के बाद यह निर्धारित किया जा सकता है कि इकाई में किन रसायनों का उपयोग किया जा रहा था और क्या उनमें से कोई प्रतिबंधित रसायन भी था।
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट संबंधित न्यायालय और जांच अधिकारी को सौंप दी जाएगी और जांच से यह भी पता चलेगा कि क्या घटनास्थल पर मौजूद रसायनों के मिश्रण के कारण विस्फोट हुआ था।
अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, लगभग 14 सदस्यों वाली पूरी फॉरेंसिक टीम को नमूने लेने और उनकी जांच करने के लिए तैनात किया गया है। इसलिए, परिणाम शीघ्र ही उपलब्ध होंगे।
उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया, ''परिणामों से पता चलेगा कि वास्तव में क्या हुआ था।''
विस्फोट के कारण बुधवार शाम तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जिला अधिकारियों ने कहा कि विस्फोट स्थल से 32 से अधिक क्षत विक्षत अंग मिले हैं जिनके डीएनए परीक्षण के बाद मृतक संख्या बढ़ सकती है।
अधिकारियों ने यह भी कहा था कि इस घटना में चार लोग लापता हैं।
इस बीच, पुलिस ने बृहस्पतिवार को विस्फोट स्थल पर तलाशी अभियान का अंतिम चरण शुरू किया।
पत्रकारों से बातचीत में त्रिशूर शहर के पुलिस आयुक्त नकुल राजेंद्र देशमुख ने कहा कि तलाशी अभियान बृहस्पतिवार शाम तक पूरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, '' हम सुबह से ही खोजी कुत्तों की मदद से इलाके की तलाशी ले रहे हैं। शरीर के कुछ अंग बरामद किए गए हैं जिन्हें डीएनए विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई विस्फोटक या शरीर का अंग रह न जाए, हमने खोजी दल और पुलिस कर्मियों के साथ तलाशी जारी रखी है।''
उन्होंने कहा, '' हमने मृतकों और घायलों में से 34 की पहचान कर ली है, जबकि चार अब भी लापता हैं। हमारा अनुमान है कि घटनास्थल पर 38 लोग मौजूद थे।''
देशमुख ने बताया कि करीब 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं जिनमें से कुछ क्षतिग्रस्त हालत में हैं और इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने और आगे की जांच जारी रहने के कारण इलाका प्रतिबंधित रहेगा और पुलिस की निगरानी में रहेगा।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा
2304 1522 त्रिशूर