नियोक्ता के 18 लाख रुपये चुराने के बाद लूट की झूठी कहानी गढ़ी, आरोपी चालक गिरफ्तार
संतोष
- 12 May 2026, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) उत्तरी दिल्ली के बाहरी इलाके में एक चालक को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया है कि उसने अपने नियोक्ता के करीब 18 लाख रुपये चुराने के बाद खुद को बचाने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान नरेश (52) के रूप में हुई और इस घटना के संबंध में उसके बेटे भरत (26) को भी गिरफ्तार कर लिया है और उनसे 17.75 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम को डीएसआईआईडीसी बावाना के पास लूट के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना मिली।
बुध विहार में रहने वाले चालक का काम करने वाले नरेश ने पुलिस को बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात लोगों ने उसकी काले रंग की कार (एसयूवी) को रोका, पत्थर से उसका शीशा तोड़ दिया और वाहन में रखे गए उसके नियोक्ता के लगभग 18 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया "बावाना थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए टीमें गठित की गईं। पुलिस ने आस-पास के रास्तों से सीसीटीवी फुटेज खंगाली और तकनीकी निगरानी संबंधी जानकारियों का विश्लेषण किया। फुटेज से संदेह पैदा हुआ क्योंकि नरेश का वाहन कथित अपराध स्थल के पास असामान्य रूप से धीमा होता हुआ दिखाई दिया, जबकि कोई मोटरसाइकिल उसका पीछा करती या उसे रोकती हुई नहीं दिखी।"
पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को नरेश के बयानों में भी विसंगतियां मिलीं।
तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि नरेश ने कथित लूट से कुछ क्षण पहले अपने बेटे भरत से बात की थी।
अधिकारी ने बताया कि इससे संदेह और भी पुख्ता हो गया और लगातार पूछताछ के दौरान उसने फर्जी लूट की कहानी गढ़ने की बात कबूल कर ली।
नरेश ने पुलिस को बताया कि वह अपने मालिक से नाराज़ था और उसने पैसे चुराने की साजिश रची।
अधिकारी ने बताया, ''नकदी इकट्ठा करने के बाद उसने कथित तौर पर भरत को छोटा गोल चक्कर इलाके में बुलाया और उसे पैसे सौंप दिए, फिर खुद कार का शीशा तोड़कर लूट की झूठी कहानी गढ़ी।"
इस खुलासे के बाद पुलिस ने नरेश के बेटे भरत का पता लगाया, उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और बाद में उसे सदर बाजार के पास से पकड़ लिया और चोरी की गई नकदी भी उसके पास से बरामद कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि इस साजिश में किसी और की संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
भाषा नोमान नोमान संतोष
संतोष
1205 1952 दिल्ली