भारतीय जहाजों को जोखिम बीमा देने के लिए 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' की शुरुआत
अजय
- 12 May 2026, 10:02 PM
- Updated: 10:02 PM
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों, खासकर युद्ध और अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में भारतीय जहाजों को जोखिम बीमा उपलब्ध कराने के लिए मंगलवार को 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' (बीएमआई पूल) की शुरुआत की।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इस पूल को 1.4 अरब डॉलर (करीब 12,980 करोड़ रुपये) की सरकारी गारंटी हासिल है। इससे मौजूदा पश्चिम एशिया तनाव के बीच निरंतर समुद्री बीमा कवरेज सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण बीमा प्रीमियम युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में बढ़ गए हैं, जिससे व्यापार प्रवाह प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि बीएमआई-पूल की शुरुआत से मौजूदा व्यापार प्रवाह पर सकारात्मक असर पड़ेगा और देश को दीर्घकालिक लाभ होगा।
नागराजू ने संवाददाताओं से कहा, "भारत प्रमुख देशों में एकमात्र देश है जहां पीएंडआई क्लब नहीं है। इस पूल के जरिये हमने ऐसे क्लब के गठन और सुदृढ़ीकरण का खाका भी तैयार किया है।"
पीएंडआई क्लब (प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी क्लब) जहाज मालिकों का एक साझा बीमा संगठन होता है, जो समुद्री जोखिमों और दावों के खिलाफ सुरक्षा और क्षतिपूर्ति प्रदान करता है।
सरकार ने बताया कि इस बीमा पूल के तहत घरेलू बीमा कंपनियां संयुक्त अंडरराइटिंग क्षमता के आधार पर पॉलिसी जारी करेंगी, जबकि पूल के सदस्य मिलकर जोखिम का पुनर्बीमा करेंगे।
दावों के निपटान के लिए 10 करोड़ डॉलर तक के दावे पूल की अपनी क्षमता से पूरे किए जाएंगे, जबकि इससे अधिक दावों के लिए सरकारी गारंटी का इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में किया जाएगा।
इस पहल से अस्थिर समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों के लिए सस्ती बीमा सुविधा उपलब्ध होगी और वैश्विक अनिश्चितताओं या प्रतिबंधों के बावजूद व्यापार की निरंतरता बनी रहेगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम समुद्री व्यापार पर देश के नियंत्रण को मजबूत करेगा और भविष्य में सुरक्षित वैश्विक व्यापार संचालन को बढ़ावा देगा।
नागराजू ने बीएमआई पूल के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी द्वारा जारी पहली 'मरीन हल एंड मशीनरी वॉर पॉलिसी' हॉजर ऑफशोर एंड मरीन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी। यह पॉलिसी उच्च जोखिम वाले युद्ध क्षेत्रों से गुजरते समय युद्ध संबंधी खतरों से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी।
इसके अलावा, वेदांता स्टरलाइट कॉपर लिमिटेड को 'मरीन कार्गो वॉर पॉलिसी' दी गई, जो केबल वायर के आयात को कवर करती है। यह पॉलिसी बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड को भी जारी की गई।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस बीमा पूल के कामकाज की निगरानी के लिए एक संचालन परिषद बनाई गई है, जो सरकारी गारंटी के उपयोग से जुड़े अनुमोदनों को भी देखेगी। इसके साथ, पूल को सौंपे गए जोखिमों के विवेकपूर्ण और तकनीकी रूप से सही अंडरराइटिंग सुनिश्चित करने के लिए एक अंडरराइटिंग समिति (यूसी) भी बनाई गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल में 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' (बीएमआई पूल) के गठन को मंजूरी दी थी, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी का समर्थन प्राप्त है।
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