कांग्रेस नेतृत्व ने किया मंथन, केरल के मुख्यमंत्री के नाम की बुधवार को हो सकती है घोषणा
संतोष
- 12 May 2026, 11:00 PM
- Updated: 11:00 PM
नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 12 मई (भाषा) कांग्रेस आलकमान ने केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्षों समेत कई नेताओं के साथ मंगलवार को मंथन किया और बुधवार को नाम की घोषणा की जा सकती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन का कहना है कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा बुधवार को की जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के आवास '10 जनपथ' पर हुई बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और कन्नूर से लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एम.एम. हसन और के. मुरलीधरन तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों पी.सी. विष्णुनाथ, शफी परम्बिल और ए.पी. अनिल कुमार के साथ अलग-अलग मंथन किया।
मुरलीधरन का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन को लेकर सोनिया गांधी से भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सुधाकरन ने संवाददाताओं से कहा कि इस मुद्दे पर उनका रुख नहीं बदला है और उनका यही मानना है कि मुख्यमंत्री का फैसला करते समय विधायकों की राय पर विचार किया जाना चाहिए।
केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी. राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आलाकामन को अपनी राय से अवगत कराया है।
इस सवाल पर कि क्या यूडीएफ गठबंधन की घटक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को मुख्यमंत्री के चयन के बारे में अपनी राय रखनी चाहिए, राधाकृष्णन ने कहा कि इस पार्टी को इस मुद्दे में क्यों "घसीटा" जा रहा है।
उन्होंने कहा, "आप इसमें आईयूएमएल को क्यों ला रहे हैं? उन्हें इसमें शामिल करने की जरूरत नहीं है।"
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एपी अनिल कुमार ने कहा कि आलाकमान निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करेगा।
इससे पहले, मुरलीधरन ने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री का फैसला केवल विधायकों की राय के आधार पर नहीं किया जाएगा, बल्कि यूडीएफ सहयोगियों और आम जनता के विचारों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि केरल का मुख्यमंत्री सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि यूडीएफ का नेता भी होगा, ऐसे में सहयोगियों की राय पर भी विचार करना होगा।
दूसरी ओर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम.एम. हसन ने कहा कि केरल में कांग्रेस विधायक दल का नेता तय करने में गठबंधन सहयोगियों की कोई भूमिका नहीं है।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रमुख घटक आईयूएमएल ने मुख्यमंत्री के चयन में देरी पर सोमवार को नाराजगी व्यक्त की थी और कहा था कि लंबे समय तक अनिश्चितता के राजनीतिक दुष्परिणाम हो सकते हैं।
केपीसीसी के पूर्व अध्यक्षों की राय लेने के आलाकमान के फैसले ने सतीशन के समर्थकों की उम्मीदों को बल दिया है। माना जाता है कि सतीशन को आईयूएमएल के साथ ही यूडीएफ कार्यकर्ताओं के एक बड़े हिस्से का समर्थन भी प्राप्त है।
सतीशन के समर्थकों का यह तर्क है कि यदि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री का पद दिया जाता है, तो यूडीएफ को दो उपचुनावों का सामना करना पड़ेगा। वेणुगोपाल वर्तमान में अलप्पुझा से लोकसभा सदस्य हैं और मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में उन्हें विधानसभा उपचुनाव जीतना होगा तथा फिर उनके इस्तीफे से रिक्त होने वाली लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा।
सतीशन के समर्थकों के अनुसार, राज्य में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह अत्यधिक जोखिम भरा होगा।
हालांकि, जिन कार्यकारी अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया, वे वेणुगोपाल के समर्थक माने जाते हैं।
वेणुगोपाल के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस के संगठन महासचिव को अधिकतर निर्वाचित विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वह एक रणनीतिकार हैं जो उपचुनावों में यूडीएफ की जीत सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। उनके समर्थकों का यह भी दावा है कि केरल के ज्यादातर कांग्रेस सांसद भी वेणुगोपाल का समर्थन करते हैं।
चेन्निथला के समर्थकों का कहना है कि वह सभी प्रमुख दावेदारों में सबसे वरिष्ठ नेता हैं तथा कठिन समय में भी पार्टी और नेहरू-गांधी परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं।
गत चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर बैठकों और मंत्रणा का दौर जारी है।
बीते आठ मई को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने केरल के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में वेणुगोपाल, चेन्निथला और सतीशन के अलावा केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख सनी जोसेफ और पार्टी की राज्य प्रभारी दीपा दासमुंशी भी बैठक में शामिल हुईं थीं।
केरल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की।
भाषा हक संतोष
संतोष
1205 2300 दिल्ली