मप्र : पटाखा कारखाने में विस्फोट से पांच मजदूरों की मौत, कारखाना मालिक एनएसए के तहत गिरफ्तार
राजकुमार
- 15 May 2026, 12:50 AM
- Updated: 12:50 AM
(तस्वीरों के साथ)
देवास/ इंदौर, 14 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के देवास जिले में बृहस्पतिवार को पटाखा कारखाने में धमाके में बुरी तरह झुलसे दो और मजदूरों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि 23 श्रमिकों का इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
देवास के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) संजीव जैन ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया,''देवास के एक निजी अस्पताल में भर्ती दो मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की कुल संख्या बढ़कर पांच पर पहुंच गई है।''
अधिकारियों ने बताया कि टोंक कलां क्षेत्र में संचालित पटाखा कारखाने के लाइसेंसी मालिक अनिल मालवीय को सख्त प्रावधानों वाले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक मालवीय के नाम जारी पटाखा लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है।
अग्निकांड में झुलसे 23 मरीजों में शामिल तीन लोगों को इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है । अन्य मरीज इंदौर एवं देवास के अलग अलग अस्पताल में भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव इस अस्पताल में पहुंचे और मरीजों के हाल-चाल जाने।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा,''हमने पटाखा कारखाने के मालिक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है। हम घटना की विस्तृत जांच करा रहे हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कदम उठाए जाएंगे।''
मुख्यमंत्री ने कहा, '' राज्य सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी। यह घटना एक तरह से सबक भी है और हम उम्मीद करेंगे कि इसकी पुनरावृति नहीं हो।''
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि कारखाना मालिक को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि केंद्र सरकार के पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ), राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अपराध विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी पटाखा कारखाने में हुए धमाके की जांच कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने बताया कि कारखाने के मालिक अनिल मालवीय के नाम पटाखे बनाने और बेचने को लेकर दो लाइसेंस जारी किए गए थे। उन्होंने बताया,"पहली बार ये लाइसेंस पिछले साल 23 दिसंबर को जारी किए गए थे। इनका नवीनीकरण इस साल छह मई को किया गया था।"
सिंह के मुताबिक इस कारखाने में 15 दिन पहले ही छोटे पटाखे बनाने का काम शुरू हुआ था।
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पटवारी ने कहा,''यह घटना बताती है कि राज्य में चीन से कच्चा माल आयात करने वाला बारूद माफिया का दबदबा स्थापित हो चुका है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि पटाखा कारखाने के मालिक को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का संरक्षण हासिल है।
पटवारी ने दावा किया कि कारखाने में बनने वाले पटाखों का अवैध भंडारण कृषि उत्पादों के वेयर हाउस में किया जा रहा था और कारखाने में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़के काम कर रहे थे।
उन्होंने मांग की कि कारखाने की गड़बड़ियां रोकने में कथित नाकामी के लिए जिलाधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए।
भाषा हर्ष
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