नीट प्रश्नपत्र लीक: दिल्ली अदालत ने लोखंडे को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा
नरेश
- 15 May 2026, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले के आरोपी धनंजय निवृत्ति लोखंडे को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने कहा कि एजेंसी को पूरी साजिश का पर्दाफाश करने, अन्य लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करने, सबूत बरामद करने और सबूतों से छेड़छाड़ को रोकने की जरूरत है।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने एजेंसी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें लोखंडे को पूछताछ के लिए छह दिन की हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया गया था। लोखंडे को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था और ट्रांजिट रिमांड पर अदालत में लाया गया था।
न्यायाधीश गुप्ता ने कहा, "कथित तौर पर इस मामले में एक बड़ी साजिश का पहलू शामिल है, जांच अभी शुरुआती दौर में है और पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के साथ-साथ इस संगठित प्रश्नपत्र लीक गिरोह के अन्य सभी सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने और सभी प्रासंगिक आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने के लिए आरोपी धनंजय निवृत्ति लोखंडे की हिरासत मांगी गई है।''
न्यायाधीश ने कहा कि विशेष लोक अभियोजक नीतू सिंह के अनुसार, लोखंडे की हिरासत सबूतों के साथ और छेड़छाड़ को रोकने के लिए आवश्यक थी, क्योंकि कुछ आरोपियों ने पहले ही अपने मोबाइल फोन से आपत्तिजनक डेटा डिलीट कर दिया था।
अदालत ने कहा, ''अतः… सीबीआई द्वारा आरोपी को छह दिन की हिरासत में लेने के अनुरोध को स्वीकार किया जाता है और चिकित्सा परीक्षण के अधीन उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा जाता है।''
सुनवाई के दौरान, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बताया कि लोखंडे ने लीक प्रश्नपत्र सह-आरोपी शुभम को दिया था, जो उसे एक अन्य आरोपी मनीषा बाघमारे से मिला था।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि बड़ी साजिश का पर्दाफाश करना जरूरी है और जांच अभी शुरुआती चरण में है।
लोखंडे के वकील ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए और उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए। इससे पहले दिन में अदालत ने पांच अन्य आरोपियों को सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
ये पांच आरोपी नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल और गुरुग्राम के यश यादव हैं।
लोखंडे की भूमिका पर अदालत ने कहा कि जांच के अनुसार, वह शुभम को जानता था। अदालत ने कहा कि एक अन्य आरोपी से सामग्री प्राप्त करने के बाद, उसने इसे शुभम को भेजा और दोनों के बीच लगभग छह लाख रुपये का बैंकिंग लेनदेन हुआ था।
अदालत ने कहा, ''आरोप है कि सीबीआई जांच के अनुसार, यह सामने आया है कि आरोपी शुभम मधुकर खैरनार ने उक्त प्रश्नपत्र आरोपी धनंजय से प्राप्त किया था, जिसने इसे सह-आरोपी मनीषा वाघमारे (पुणे निवासी) से प्राप्त किया था।''
अदालत ने कहा कि शुभम ने कथित तौर पर यश यादव (गुरुग्राम निवासी) को लीक हुए प्रश्नपत्र को वितरित करने में मदद की और 29 अप्रैल को यादव को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से प्रश्नपत्रों की पीडीएफ फाइलें प्राप्त हुईं।
अदालत ने बताया कि भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न पत्रों वाली फाइलें बरामद कर ली गई हैं।
अदालत ने कहा, ''आरोपी यश यादव को लीक प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ सौदा किया और उसने तथा अन्य सह-आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए प्रश्न पत्र को आगे प्रसारित किया।''
मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के वास्ते वर्ष 2026 के लिए नीट-यूजी का आयोजन तीन मई को हुआ था, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों पर इस परीक्षा को गत मंगलवार को रद्द कर दिया गया था।
सरकार ने सीबीआई को 'अनियमितताओं' की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया।
भाषा संतोष नरेश
नरेश
1505 1935 दिल्ली