सीएम की कार के साथ केवल एस्कॉर्ट और पायलट वाहन चलेंगे : सतीशन
नरेश
- 15 May 2026, 07:54 PM
- Updated: 07:54 PM
तिरुवनंतपुरम, 15 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी डी सतीशन द्वारा लिए गए पहले निर्णयों में से एक यह था कि वह पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री विजयन के विशाल काफिले के विपरीत अपने काफिले को कम वाहनों तक सीमित रखेंगे।
वाहनों के बड़े काफिले के लिए विजयन की कई हलकों में आलोचना होती थी।
विभिन्न धार्मिक नेताओं के साथ संयुक्त बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सतीशन ने कहा कि उनका इरादा अपने पूर्ववर्तियों का मजाक उड़ाना नहीं था, बल्कि यह कहना था कि 'राजकोष इस तरह के फिजूलखर्ची का बोझ नहीं उठा पाएगा'।
उन्होंने कहा, ''मुझसे पहले के मुख्यमंत्रीओं को शायद इसकी जरूरत रही होगी, लेकिन मुझे नहीं है।''
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी, इसलिए उन्होंने पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैंने पुलिस को न्यूनतम सुरक्षा काफिला उपलब्ध कराने के लिए कहा है। काफिले में यथासंभव कम से कम वाहन रखें। बहुत कम। मैंने उनसे यह भी कहा है कि मेरी यात्रा के दौरान सड़क पर लोगों को परेशान ना किया जाए।''
उन्होंने कहा कि अगर वे शान-शौकत से यात्रा करेंगे, तो सड़क पर चलने वाले लोग सार्वजनिक रूप से भले ही कुछ नहीं कहें, लेकिन निजी तौर पर उनका मजाक उड़ाएंगे।
उन्होंने कहा, ''इसके अलावा अगर हम फिजूलखर्ची करेंगे, तो हमारे नीचे के अधिकारी भी ऐसा ही करेंगे और सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ जाएगा।''
सतीशन ने यह भी कहा कि वह कोई नई सरकारी गाड़ी नहीं खरीदेंगे और जो भी गाड़ी उपलब्ध होगी, उसका इस्तेमाल करेंगे चाहे उसका रंग कोई भी हो।
उन्होंने कहा, ''अगर मैं एक नई गाड़ी खरीदता हूं, तो सरकारी खजाने पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। लेकिन इससे प्रशासनिक व्यवस्था को गलत संदेश जाएगा। साथ ही जब आर्थिक स्थिति इतनी खराब है, तो हमें फिजूलखर्ची को जितना हो सके उतना कम करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए।''
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इसके पहले दिन में सतीशन ने निर्देश दिया कि उनकी आधिकारिक कार के साथ केवल एक पायलट और एक एस्कॉर्ट वाहन ही होना चाहिए और उनके यात्रा करते समय सड़क पर लोगों को रोका नहीं जाना चाहिए।
उनका यह निर्णय बदलाव को दिखाता है जो मंत्रियों की आवभगत की संस्कृति और पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के काफिले में दिखने वाले 10 से अधिक वाहनों के विपरीत है।
यहां तक कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी भी विजयन के काफिले जितना विशाल काफिला नहीं लेकर चलते थे।
भाषा
संतोष नरेश
नरेश
1505 1954 तिरुवनंतपुरम