'औरंगजेबी सरकार': भाजपा ने भगवा शॉल पर प्रतिबंध को लेकर कर्नाटक सरकार की आलोचना की
माधव
- 15 May 2026, 06:48 PM
- Updated: 06:48 PM
नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में भगवा शॉल की अनुमति न दिए जाने के स्पष्टीकरण पर शुक्रवार को राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने सरकार पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
यह विवाद तब भड़का जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार के धार्मिक प्रतीकों संबंधी आदेश के तहत शैक्षणिक संस्थानों में भगवा शॉल की अनुमति नहीं होगी, जबकि हिजाब, पगड़ी, रुद्राक्ष की माला और जनेऊ धारण करने जैसी पहले से चली आ रही प्रथाएं जारी रहेंगी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है और इसे 'औरंगजेबी सरकार' करार दिया।
पूनावाला ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''यह सरकार संस्थानों के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति देती है, जिसकी उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय ने अनुमति नहीं दी थी। लेकिन आप 'भगवा' शॉल या 'भगवा' अंगवस्त्रम नहीं पहन सकते। यही सिद्धरमैया सरकार की मानसिकता है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार तुष्टीकरण की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकती है और पार्टी पर अतीत में भी 'सनातन धर्म का अपमान' करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''उन्होंने 'भगवा आतंकवाद' और 'हिंदू आतंकवाद' जैसे शब्दों से लेकर सनातन धर्म का अपमान करने तक, हिंदू-विरोधी भावना दिखाई है। हमने देखा है कि तमिलनाडु में कांग्रेस नेताओं ने सनातन धर्म का अपमान कैसे किया है। तेलंगाना में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मतलब मुसलमान है। वे वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के नाम पर मुस्लिम आरक्षण की मांग कर रहे हैं।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि सिद्धरमैया सरकार ने भेदभावपूर्ण नीति अपनाई है और दावा किया कि उसने पहले 'केवल मुसलमानों के लिए बजट' और 'मुस्लिम बस्तियों' की घोषणा की थी।
कर्नाटक सरकार ने बुधवार को एक आदेश के तहत छात्रों को स्कूलों में हिजाब, जनेऊ, शिवधारा और रुद्राक्ष पहनने की अनुमति दे दी। इस आदेश ने भाजपा सरकार के 2022 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें हिजाब बनाम भगवा शॉल विवाद के बाद सरकारी स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाया गया था।
सिद्धरमैया ने पत्रकारों से कहा, ''भगवा रंग की शॉल पहनने की अनुमति नहीं है। ऐसी शॉल नहीं पहनी जा सकतीं। पगड़ी, जनेऊ, शिवधारा, रुद्राक्ष और हिजाब पहने जा सकते हैं।''
भाषा
संतोष माधव
माधव
1505 1848 दिल्ली