शाह ने एनआईडी में डिजाइन को व्यावसायीकरण से जोड़ने के लिए एक अलग विभाग बनाने का आह्वान किया
नरेश
- 17 May 2026, 06:45 PM
- Updated: 06:45 PM
गांधीनगर, 17 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में डिजाइनरों को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने के लिए एक अलग विभाग बनाने की वकालत की और इसकी तुलना आईपीएल द्वारा क्रिकेट में लाए गए बदलाव से की।
एनआईडी के गांधीनगर परिसर में 'इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर' का उद्घाटन करने के बाद छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत अपनी डिजाइन क्षमता का पूर्ण उपयोग तभी कर पाएगा जब डिजाइन को एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विभाग का ध्यान व्यावसायीकरण पर होना चाहिए क्योंकि एनआईडी जैसे संस्थानों में डिजाइन विशेषज्ञ तो पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन रचनात्मकता को बाजार की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए तंत्र की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ''आपने 'इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने में उत्कृष्ट कार्य किया है। लेकिन जो लोग इस क्षेत्र को करियर के रूप में चुनते हैं, उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं और वित्तीय अवसरों से जोड़ा जाना चाहिए।"
शाह ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि यह तभी संभव है जब आप इसके लिए एक अलग विभाग बनाएं, क्योंकि यहां के लोग डिजाइनर हैं, व्यावसायीकरण के विशेषज्ञ नहीं। एनआईडी को इन दोनों को एक साथ लाना होगा।"
उन्होंने देश के प्रमुख डिजाइन स्कूल एनआईडी से आग्रह किया कि वह डिज़ाइन कौशल रखने वाले लोगों को सफल करियर से जोड़ने की दिशा में काम करे ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मविश्वास के साथ इस क्षेत्र को पेशेवर रूप से अपना सकें।
शाह ने कहा कि वित्तीय अवसरों और सामाजिक स्वीकृति की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली व्यक्ति कला के क्षेत्र में पेशेवर रूप से आगे नहीं बढ़ पाते हैं।
क्रिकेट से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने सीमित आय के कारण इस खेल को करियर के रूप में नहीं देखा, लेकिन व्यावसायिक अवसरों में वृद्धि के बाद सोच बदल गई।
क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए शाह ने कहा कि एक समय था जब टेस्ट मैचों के लिए खिलाड़ियों को बहुत कम पारिश्रमिक मिलता था, जिससे परिवार अपने बच्चों को पेशेवर रूप से क्रिकेट खेलने की अनुमति देने से हिचकते थे।
उन्होंने कहा, ''आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के बाद, माता-पिता अब बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए कहते हैं क्योंकि वे इससे अपना भविष्य बना सकते हैं। उसी तरह, डिज़ाइन की व्यावसायिक क्षमता का भी पूरी तरह से पता लगाया जाना चाहिए।''
इससे पहले दिन में अहमदाबाद में एक अन्य कार्यक्रम में शाह ने कहा कि विनिर्माण, इंजीनियरिंग और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करने के बाद गुजरात को अब सेवा क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुंचना होगा।
भाषा संतोष नरेश
नरेश
1705 1845 गांधीनगर